Naxalism: छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में हमें ऐतिहासिक सफलता मिली है क्योंकि छत्तीसगड़ में 170 नक्सलियों ने अपने हथियार डाले हैं। अपने एक ट्वीट में गृह मंत्री ने कहा कि कल 27 नक्सलियों ने सरेंडर किया। महाराष्ट्र में कल ही 61 नक्सली मुख्यधारा में लौटे। कुल मिलाकर बीत दो दिनों में 258 लेफ्ट विंग चरमपंथी हिंसा का रास्ता छोड़ चुके हैं। हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से खत्म कर देंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। तस्वीर-PTI
X पर अपने ट्वीट में गृह मंत्री ने कहा कि 'यह हमारे नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष का एक ऐतिहासिक दिन है। आज छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। कल राज्य में 27 ने हथियार डाल दिए थे। महाराष्ट्र में कल 61 लोग मुख्यधारा में लौटे। कुल मिलाकर, इन दो दिनों में 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा त्याग दी है। हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि अबूझमाड़ और उत्तरी बस्तर (छत्तीसगढ़) जो कभी आतंक के अड्डे थे, आज नक्सल आतंक से मुक्त घोषित कर दिए गए हैं।'
2100 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके -शाह
शाह ने आगे कहा कि जनवरी 2024 से, जब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनी, तब से 2100 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं, 1785 को गिरफ्तार किया गया है, और 477 को मार गिराया गया है। ये आंकड़े हमारे नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 से पहले नष्ट करने के दृढ़ संकल्प का आईना हैं। उन्होंने कहा, 'मैं उनके हिंसा त्यागने के निर्णय की सराहना करता हूं। उन्होंने भारत के संविधान में पुनः भरोसा रखा। यह इस बात का प्रमाण है कि नक्सलवाद अपनी आख़िरी सांसें ले रहा है, जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली सरकार की लगातार कोशिशों के कारण संभव हुआ है।
गृह मंत्री ने कहा कि नीति स्पष्ट है
गृह मंत्री ने कहा कि नीति स्पष्ट है-जो आत्मसमर्पण करना चाहें उन्हें स्वागत है, और जो हथियार उठाकर चलते रहेंगे वे हमारी सेनाओं की कठोर प्रतिक्रिया झेलेंगे। मैं एक बार फिर उन लोगों से अपील करता हूँ जो अभी भी नक्सली पथ पर हैं कि वे अपने हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हो जाएं। हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेकने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
