Amit Shah: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार संशोधित नागरिकता कानून (CAA) को केंद्र सरकार लागू करके ही रहेगी, इसे लागू होने से कोई नहीं रोक सकता है। अमित शाह का यह बयान पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए आया है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
यहां एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने तुष्टीकरण, घुसपैठ, भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने राज्य को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा, घुसपैठ को समर्थन देने के कारण ममता बनर्जी सीएए का विरोध कर रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि इतनी अधिक घुसपैठ वाले राज्य में विकास नहीं हो सकता।
बंगाल से लोकसभा चुनाव की शुरुआत
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रचार थमते ही भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इसकी शुरुआत कोलकाता से हुई। अमित शाह ने इस दौरान लोगों से राज्य सरकार को उखाड़ फेंकने तथा अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा को चुनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में राज्य में भाजपा का प्रदर्शन विधानसभा चुनावों में उसकी जीत की नींव तैयार करेगा। शाह ने कहा, 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को इतनी सीटें दीजिए कि मोदी जी कहें कि मैं बंगाल के कारण प्रधानमंत्री बना हूं। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस ने पिछला विधानसभा चुनाव गड़बड़ी करके जीता था, लेकिन भाजपा शून्य से 77 सीटों पर पहुंच गई। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के एजेंडे के अनुकूल सरकार चुनकर तृणमूल के कथित कुशासन को खत्म करने का आह्वान किया।
CAA लागू होने से कोई नहीं रोक सकता
अमित शाह ने CAA का जिक्र करते हुए कहा कि ममता बनर्जी इसका विरोध कर रही हैं, लेकिन कोई भी इसे लागू होने से नहीं रोक सकता। शाह ने कहा कि ममता बनर्जी ने घुसपैठ के मुद्दे पर एक बार संसद को ठप्प कर दिया था, लेकिन अब वह चुप हैं। उन्होंने दावा किया कि असम में भाजपा के सत्ता में आने के बाद कोई भी वहां घुसपैठ नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, असम ने घुसपैठ रोकने की दिशा में सराहनीय काम किया है। लेकिन पश्चिम बंगाल में तृणमूल सरकार की वोट बैंक की राजनीति के कारण घुसपैठ जारी है। ममता बनर्जी सीएए का विरोध कर रही हैं, लेकिन मैं साफ कह दूं कि सीएए देश में लागू किया जाएगा। कोई भी सीएए को लागू होने से नहीं रोक सकता। बता दें, यह कानून अभी अधर में है क्योंकि कानून के खिलाफ विपक्ष के कड़े रुख के बीच केंद्र सरकार ने अब तक इसके नियम नहीं बनाए हैं। संसद ने इस कानून को 2019 में मंजूरी दी थी।
