Almatti Dam Expansion: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने कर्नाटक सरकार के अलमाट्टी बांध की ऊंचाई बढ़ाने के फैसले पर आंध्र प्रदेश के सिंचाई और पेयजल की जरूरतों को गंभीर खतरा बताते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
YS जगन ने चंद्रबाबू नायडू को चेताया। Photo-PTI
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जगन ने नायडू सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता की आलोचना की। ऐसा तब हो रहा है जब कर्नाटक कैबिनेट ने अलमाट्टी बांध की क्षमता को 519 मीटर से बढ़ाकर 524.256 मीटर करने के बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दिए दो हफ्ते बीत चुके हैं। बताया गया कि अनुमानित 70,000 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से बांध की क्षमता 129.72 TMC से बढ़कर 279.72 TMC हो जाएगी।
'तो मुख्यमंत्री पद पर रहने का क्या मतलब...'
जगन ने X पर एक पोस्ट में लिखा, 'आंध्र प्रदेश के कई इलाके बंजर होने के खतरे से जूझ रहे हैं। अगर आप राज्य के अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकते, तो मुख्यमंत्री पद पर रहने का क्या मतलब है?'
उन्होंने आरोप लगाया कि नायडू की पिछली गलतियां फिर से राज्य को परेशान कर रही हैं। जगन ने कहा, 'अपने पिछले कार्यकाल (1995-2004) में केंद्र में अपने प्रभाव का दावा करते हुए, नायडू ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अलमाट्टी की ऊंचाई पर लगाई गई रोक का उल्लंघन करते हुए कर्नाटक को स्पिलवे और गेट का काम पूरा करने की अनुमति दी थी।' उन्होंने चेतावनी दी कि नायडू के नेतृत्व में इतिहास खुद को दोहरा रहा है।
क्या है मामला?
जगन ने कहा कि दो दशकों से भी ज्यादा समय से, अलमाट्टी में बढ़ते जल भंडारण के कारण आंध्र प्रदेश को सूखे के सालों में पानी की कमी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, 'आपकी इस अनदेखी के कारण हमारे किसान और लोग हर साल परेशान होते रहे हैं।' उन्होंने इसे 'येलो मीडिया का प्रोपेगैंडा' बताते हुए इसकी भी आलोचना की, जिसमें नायडू को दिल्ली की राजनीति में एक ताकतवर व्यक्ति के रूप में दिखाया गया था। जगन ने आरोप लगाया, 'असल में, वह अलमाट्टी के विस्तार को रोकने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डालने के लिए अपने सांसदों की ताकत का भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।'
