Agniastra in Indian Army: आधुनिकीकरण अभियान के हिस्से के रूप में और कश्मीर, पूर्वोत्तर और देश के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में उग्रवाद और आतंकवाद विरोधी अभियानों में मुकाबले के लिए भारतीय सेना ने मल्टी टारगेट पोर्टेबल डेटोनेशन डिवाइस यानी अग्नियास्त्र (Agniastra) को विकसित किया है। इस डिवाइस को सिक्किम के गंगटोक में हाल ही में संपन्न सेना कमांडरों के सम्मेलन में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा लॉन्च और शामिल किया गया। एक अधिकारी ने कहा कि अग्नियास्त्र का शामिल होना उग्रवाद विरोधी और आतंकवाद विरोधी अभियानों में गेम-चेंजर और ताकत बढ़ाने वाला होगा।
सेना को मिला अग्नियास्त्र
जानिए अग्नियास्त्र की खासियतें
- यह एक बहु-लक्ष्य पोर्टेबल रिमोट विस्फोट प्रणाली है जिसमें लंबी दूरी से स्वतंत्र रूप से या एक साथ कई लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता है।
- इसे टारगेट पर मैन्युअल रूप से स्थापित किया जा सकता है या मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी)/मानव रहित ग्राउंड वाहन (यूजीवी) का उपयोग करके दूर से चलाया जा सकता है।
- 2.5-किमी की रेंज वाले इस डिवाइस रिमोट बंकर या ठिकाने को नष्ट करने, ऑपरेशन के दौरान पुलों जैसे बुनियादी ढांचे को ध्वस्त करने के लिए फायरिंग के वायर्ड और वायरलेस दोनों मोड की विशेषताएं हैं।
आर्मी डिजाइन ब्यूरो ने किया तैयार
इसे इन-हाउस आर्मी डिजाइन ब्यूरो (ADB) द्वारा डिजाइन किया गया है। इस साल अगस्त में सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजसुब्रमणि की उपस्थिति में बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए एक निजी क्षेत्र की फर्म को तकनीक ट्रांसफर की गई थी। भारतीय सेना ने कहा कि फील्ड आर्मी द्वारा मूल्यांकन के बाद इसे सेना में शामिल करने की सिफारिश की गई।
सेना कमांडरों के सम्मेलन के दौरान, जनरल द्विवेदी ने मेजर राजप्रसाद आरएस के नवाचार की सराहना की और सेना में शामिल करने की दिशा में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सेना डिजाइन ब्यूरो की भी सराहना की। मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में भारत शक्ति अभ्यास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अग्नियास्त्र का प्रदर्शन किया गया था। बता दें कि भारतीय सेना ने 2024 को 'तकनीकी अवशोषण का वर्ष' (Year of Tech Absorption) घोषित किया है और अग्नियास्त्र को शामिल करना तकनीकी प्रगति के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
