Parliament News: 18 सितंबर, 2023 (सोमवार) से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र से पहले, संसद पुस्तकालय भवन में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इस सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और विपक्षी दलों के नेता पहुंचे। सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) प्रमुख वाइको, तिरुचि एन शिवा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) नेता वी शिवदासन भाग लेने पहुंचे।
संसद के विशेष सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक।
18 से 22 सितंबर तक चलेगा संसद का विशेष सत्र
बुधवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ये जानकारी साझा की थी कि 'पांच दिवसीय विशेष सत्र से एक दिन पहले 17 सितंबर को सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई है।' बता दें, संसद का विशेष सत्र 18 से 22 सितंबर तक आयोजित है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा था कि "इसके लिए निमंत्रण संबंधित नेताओं को ईमेल के माध्यम से भेजा गया है। पत्र का पालन किया जाएगा।"
संसद की 75 साल की यात्रा पर होगी चर्चा
पिछले महीने संसद का मानसून सत्र पुराने संसद भवन में आयोजित किया गया था। विशेष सत्र में संसद की 75 साल की यात्रा पर चर्चा होगी, जिसकी शुरुआत संविधान सभा से होगी, जिसकी पहली बैठक 9 दिसंबर, 1946 को हुई थी। बुधवार को एक संसदीय बुलेटिन में बताया गया कि पांच दिनों के विशेष सत्र के पहले दिन संसद में 'संविधान सभा से शुरू होने वाली 75 वर्षों की संसदीय यात्रा - उपलब्धियां, अनुभव, यादें और सीख' पर चर्चा होगी।
चुनाव से पहले आयोजित विशेष सत्र पर उठे सवाल
विशेष सत्र की घोषणा से राजनीतिक महकमे में हलचल शुरू हो गई, क्योंकि इस साल के अंत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां आगामी चुनाव की तैयारी कर रही हैं। सोमवार से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र को लेकर रणनीति तैयार करने के लिए भारतीय गठबंधन में शामिल पार्टियों के नेता सोमवार सुबह 10 बजे संसद भवन में राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में मिलेंगे।
नए संसद भवन में ट्रांसफर होगी सदन की कार्यवाही
सर्वदलीय बैठक शुरू होने से पहले रविवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने नए संसद भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। सोमवार से शुरू होने वाले विशेष सत्र में संसदीय कार्यवाही पुराने से बगल के नए भवन में स्थानांतरित हो जाएगी। धनखड़ ने नए संसद भवन के "गज द्वार" के ऊपर झंडा फहराया। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी उपस्थित थे।
