'SIR पर सभी फैसले सहमति से हुए', चुनाव आयुक्तों में मतभेद के आरोपों पर ECI ने जारी किया बयान

निर्वाचन आयोग ने कहा कि आंतरिक नोट्स, अलग-अलग राय और तकनीकी सुझाव आयोग के काम करने और फैसले लेने की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने कहा कि उसके सभी अंतिम आदेश और निर्देश कानून के मुताबिक जारी किए जाते हैं और उन्हें पूरा कानूनी समर्थन हासिल है।

SIR Row: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विभिन्न पहलुओं पर चुनाव आयुक्तों में मतभेद होने की रिपोर्ट पर भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने बुधवार को आधिकारिक रूप से अपना बयान जारी किया। निर्वाचन आयोग ने कहा कि आंतरिक नोट्स, अलग-अलग राय और तकनीकी सुझाव आयोग के काम करने और फैसले लेने की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने कहा कि उसके सभी अंतिम आदेश और निर्देश कानून के मुताबिक जारी किए जाते हैं और उन्हें पूरा कानूनी समर्थन हासिल है। दरअसल, इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में SIR के विभिन्न पहलुओं पर चुनाव आयुक्तों में मतभेद होने का दावा किया गया है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार आपत्तियां उठाईं। ECI का कहना है कि SIR से जुड़े सभी निर्णय चुनाव आयुक्तों की सहमति से हुए।

ECI SIR

चुनाव आयुक्तों में मतभेद होने के आरोप पर ECI ने जारी किया बयान।

ECI ने अपने बयान में कहा कि कुछ चुनिंदा आंतरिक नोट्स को सामने रखने से आयोग के कई सर्वसम्मत फैसलों, चुनावी सुधारों और मतदाता सूची के पुनरीक्षण, जिसमें SIR भी शामिल है, की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती। आयोग ने कहा कि वह अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां ईमानदारी से निभाने और चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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