Alina City Prayagraj: UP का माफिया अतीक अहमद (Atique Ahmed) न केवल प्रदेश में अपना दबदबा बनाना चाहता था बल्कि प्रदेश में अपना किला बनाने की तैयारी में था। दरअसल अलीना प्रोजेक्ट (Alina Project) के तहत अतीक अहमद ने 2005 में एक माइनारटी सिटी (Minority City Prayagraj) बसाने की योजना बनाई थी।
इसके लिए माफिया और उसके गुर्गों ने प्रयागराज (Prayagraj) के करेली में करीब 700 बीघा जमीन को कब्जाया भी था। प्रशासन का मानना है कि इन दोनों प्रोजेक्ट में नियम और कानून की अनदेखी की गई।
नियमों की अनदेखी कर Alina Project पर काम हुआ था शुरू
करेली थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव के करीब पूर्व सांसद अतीक अहमद ने हाईटेक टाउनशिप बसाने की योजना शुरू की थी। इसके लिए अलीना सिटी और अहमद सिटी के नाम से इस प्रोजेक्ट के लिए करीब सात सौ बीघा जमीन ली गई थी। लेकिन आरोप यह लगने लगा कि अतीक अहमद ने ज्यादातर लोगों से जमीन डरा धमका कर ली। उसके बाद बाद में स्पेशल टॉस्क फोर्स के तत्कालीन आइजी ने इसकी जांच करते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे और उन प्रोजेक्ट्स में बने कुछ भवनों को गिरा दिया गया था।
कैमरे के सामने अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या
गौर हो कि अभी 15 अप्रैल को प्रयागराज में मेडिकल कॉलेज के पास अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने इस पुलिस के सामने ही दोनों भाईयों की गोली मारकर हत्या कर दी थी वहीं पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
कैमरे के सामने हत्या
इस हत्याकांड का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें अतीक अहमद और उसका भाई मीडिया से बात करते हुए दिख रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि अतीक और उसके भाई पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे हैं, पुलिस चारों ओर से घेरी हुई है, इसी बीच एक शख्स आता है और अतीक के सिर में सीधे गोली मार देता है। इसके बाद दो और लोग वीडियो में गोलियां बरसाते हुए दिखते हैं।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया थाअतीक और उसके भाई को गोली मारने के बाद आरोपियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।
'अतीक अहमद की विपक्ष ने हत्या कराई'
वहीं अतीक अहमद हत्या मामले को लेकर बीजेपी के सीनियर लीडर और योगी सरकार में मंत्री धर्मपाल (Dharmpal Singh) ने विपक्ष पर बड़ा आरोप लगाया है। धर्मपाल सिंह ने कहा कि 'अतीक अहमद की विपक्ष ने हत्या कराई है, क्योंकि अतीक के जरिए विपक्ष के कुछ राज खुलने वाले थे, इसके चलते ही उन्होंने अतीक की हत्या करा दी।'
