Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने टाइम्स नाउ नवभारत के महाकुंभ कार्यक्रम में मंगलवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश यादव पर महाकुंभ की तैयारियों से जलने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि उन्होंने भाजपा के डर से संगम में डुबकी लगाई है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
'एक बार फिर स्नान करें अखिलेश'
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महाकुंभ को लेकर अखिलेश यादव की लगातार आस्था को चोट पहुंचाने वाली जहरीली टिप्पणियां आती रही हैं। मैंने कहा एक बार परिवार और अपनी पार्टी के लोगों के साथ महाकुंभ में डुबकी लगाएं... वो (अखिलेश यादव) गए और डुबकी भी लगाई, लेकिन अभी भी उनमें विकार बाकी है। मैं चाहूंगा कि एक बार और स्नान कर लें।
उन्होंने कहा कि हमको माहौल बनाने की जरूरत नहीं है... महाकुंभ भाजपा का महाआयोजन नहीं है। यह आस्था का महापर्व है और सदियों-युगों से होता रहा है। इसमें अनगिनत संख्या में श्रद्धालु भी आते हैं, जिनमें साधु संत भी शामिल हैं। 2025 का महाकुंभ अपने आप में अलौकिक आनंद प्रदान करने वाला है... इस बार महाकुंभ में जहां बुजुर्ग लोग तो आते ही हैं, लेकिन इस बार युवा पीढ़ी डुबकी लगाने के लिए उमड़ पड़ी है।
'महाकुंभ को लेकर न करें ओछी टिप्पणी'
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश या उत्तर प्रदेश से ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों से भी बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। हम सबका स्वागत करते हैं और सभी से अपील करेंगे कि इस पर ओछी टिप्पणी न करें और आस्था को चोट न पहुंचाएं। महाकुंभ सभी का आयोजन है। सभी लोग मिलकर इसकी सफलता की कामना करें और डबल इंजन सरकार की ओर से हम लोगों ने अच्छी से अच्छी व्यवस्था करने की कोशिश की है।
'जलन महसूस कर रहे अखिलेश यादव'
अखिलेश यादव की व्यक्तिगत आस्था वाली टिप्पणी के सवाल पर उन्होंने कहा कि वो बहुत जलन महसूस कर रहे हैं कि जब 2013 में वह मुख्यमंत्री थे और महाकुंभ हुआ था तो वह कोई व्यवस्था नहीं कर पाए थे। सारा महाकुंभ को आयोजन मो. आजम खान को सौंपकर लखनऊ में सो रहे थे। मेहनत करना वो जानते नहीं हैं।
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उन्होंने हमारी सरकार के मुखिया, मंत्रिपरिषद के साथ लगातार आयोजन की सफलता के लिए प्रयास कर रहे हैं। ये जलन ठीक नहीं है। वो व्यवस्था ठीक नहीं कर पाए उसके लिए उन्हें शर्मिंदा होना चाहिए, माफी मांगनी चाहिए। हमने 2019 का अर्धकुंभ कराया है। उसमें 24 करोड़ लोगों ने डुबकी लगाई थी। महाकुंभ में 40 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। जिस प्रकार से जनसैलाब उमड़ रहा है तो हो सकता है हमारा आंकड़ा छोटा पड़ जाए।
