बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में निष्कासित किए गए दिग्गज नेता और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ ने शनिवार को पार्टी सुप्रीमो मायावती से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी। सिद्धार्थ, बसपा के राष्ट्रीय संयोजक और मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर हैं। अशोक सिद्धार्थ की माफी के बाद मायावती ने उन्हें माफ करते हुए बसपा में शामिल कर लिया है।
पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ ने मायावती से मांगी माफी (फोटो- @Mayawati & @MP_SiddharthBSP)
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सोशल मीडिया पर साझा किया पोस्ट
अशोक सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर मायावती से माफी मांगी। उन्होंने लिखा कि पार्टी में रहते हुए उनसे कुछ गलतियां हुईं, जिनका उन्हें गहरा अफसोस है। उन्होंने कहा- “मैं बहनजी के चरणों में नतमस्तक होकर क्षमा याचना करता हूं। कार्यकाल के दौरान जाने-अनजाने या गलत लोगों के बहकावे में आकर जो भी गलतियां हुईं, उसके लिए मैं दिल से माफी मांगता हूं।”
12 जनवरी को हुआ था निष्कासन
मायावती ने इस साल 12 जनवरी को अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। सिद्धार्थ लंबे समय से बसपा में सक्रिय रहे हैं और उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता है।
अनुशासन में रहने का दिया भरोसा
पोस्ट में सिद्धार्थ ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में वह कभी पार्टी अनुशासन का उल्लंघन नहीं करेंगे और केवल मायावती के मार्गदर्शन में ही सक्रिय राजनीति करेंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह अपनी रिश्तेदारी या निजी संबंधों का कोई नाजायज फायदा नहीं उठाएंगे।
मायावती ने किया माफ
अशोक सिद्धार्थ की माफी के बाद मायावती ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के कई ज़िम्मेदार पदों पर लम्बे वर्षों तक कार्यरत रहे एवं पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद श्री अशोक सिद्धार्थ, जिन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिये कुछ माह पहले पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था, उन्होंने सोशल मीडिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आज अपने लम्बे पोस्ट के ज़रिये सार्वजनिक तौर पर अपनी ग़लती की माफी माँगी है तथा आगे पार्टी और बी.एस.पी मूवमेन्ट के प्रति पूरी तरह से वफादर रहकर बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान के मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने में पूरे जी-जान से लग जाने का आश्वासन बहुजन समाज व बी.एस.पी. नेतृत्व को दिया है। हालाँकि उन्हें अपनी ग़लती का एहसास बहुत पहले हो चुका था और वे इसका लगातार पश्चाताप विभिन्न स्तर पर कर रहे थे, किन्तु आज उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपना पछतावा ज़ाहिर किया है, जिसको ध्यान में रखते हुये पार्टी व मूवमेन्ट के हित में उन्हें पार्टी द्वारा एक मौका दिया जाना उचित समझा गया है और इसीलिये बी.एस.पी. से उनके निष्कासन का फैसला आज तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है अर्थात् इनको पार्टी में वापस ले लिया गया है।
