Air Pollution In Delhi: वायु प्रदूषण की वजह से राष्ट्रीय राजधानी गैस चैंबर बन सकती है। आशंका जताई जा रही है कि 21 दिसंबर को प्रदूषण का स्तर 400 से ऊपर जा सकता है। इसी बीच शुक्रवार सुबह दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदूषण को लेकर सरकार की प्लानिंग की जानकारी दी।
प्रदूषण को लेकर दिल्ली के गृह मंत्री का फूटा विपक्षी नेताओं पर गुस्सा।(फोटो सोर्स: ANI)
उन्होंने कहा, “यह कोई मौसमी समस्या नहीं है, न ही यह पिछले 10 महीनों में उभरी है। दिल्ली का अपना कोई मौसम नहीं है; यहां का प्रदूषण काफी हद तक पड़ोसी राज्यों से जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद, कुछ 'बेरोजगार' नेता सरकार की आलोचना करने के लिए ईवीएम, कोयला, बिजली और यहां तक कि परमाणु विज्ञान के विशेषज्ञ बन जाते हैं। 2017 और 2018 के बीच 20 एक्यूआई स्टेशन स्थापित किए गए, जिनमें से लगभग 30% हरित क्षेत्रों में थे। इसका उद्देश्य हवा को साफ करना नहीं, बल्कि आंकड़ों को साफ करना था।”
दिल्ली में एक बार फिर स्मॉग की वापसी
गुरुवार को एक बार फिर स्मॉग ने वापसी कर ली। शाम से AQI में भी इजाफा तेजी से इजाफा होने लगा। सुबह आठ बजे AQI 349 था। यह 11 बजे 353 और शाम चार बजे तक 373 के स्तर पर पहुंच गया। मुख्य प्रदूषक पीएम 2.5 रहा। यानी अब धूल से इतर प्रदूषण की अन्य वजह भी है।
50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ कुछ सख्त उपायों की घोषणा की है। इनमें 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम, पुरानी कारों पर रोक और बिना पीयूसी के फ्यूल नहीं मिलने जैसे उपाय शामिल हैं। कंस्ट्रक्शन का सामान ले जाने वाले वाहनों पर भी आज से दिल्ली में बैन है।
वहीं, दिल्ली में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू हो चुका है। कपिल मिश्रा ने घोषणा की है कि यह आदेश सरकारी और निजी दोनों संस्थानों पर लागू होगा, लेकिन ऑफिस आंशिक रूप से फिजिकल मोड में काम करते रहेंगे। आदेश के अनुसार, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में काम करने वाले सभी निजी कार्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके आधे से ज़्यादा कर्मचारी कार्यस्थल पर शारीरिक रूप से उपस्थित न हों, जबकि बाकी अनिवार्य रूप से घर से काम करें।
