Punjab Flood: पंजाब इस समय दशकों में अपनी सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। राज्य में सतलुज, व्यास और रावी नदियां उफान पर हैं। बाढ़ से अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है और 3.55 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक बाढ़ में 1.75 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फसलें बर्बाद हो गई हैं। राज्य के ज्यादातर इलाकों में हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। बाढ़ से 1698 गांव प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान धान एवं गन्ने की फसल को हुआ है। बाढ़ की इस विभीषिका के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बृहस्पतिवार को पंजाब के अमृतसर पहुंचे और जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। शिवराज सिंह ने बाढ़ प्रभावित किसानों से भी बात की।
पंजाब में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करते कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान। तस्वीर-ANI
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने राज्य के पांच सबसे अधिक प्रभावित जिलों अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन और फिरोजपुर में बाढ़ की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मंत्री को सौंपी। राज्यपाल ने कृषि मंत्री को इन क्षेत्रों की जमीनी हकीकत से भी अवगत कराया और जीवन, संपत्ति, फसलों तथा बुनियादी ढांचे को हुए व्यापक नुकसान तथा राज्य सरकार द्वारा विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास कार्यों की जानकारी दी।
कपूरथला के गांव गए चौहान
चौहान अपने एक दिन के दौरे पर अमृतसर पहुंचे और उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी तात्कालिक आवश्यकताओं का आकलन किया। यहां से उन्होंने गुरदासपुर और कपूरथला के गांवों का दौरा किया और उसके बाद केंद्र एवं राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने राज्य को शीघ्र राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
मुश्किल दौर से गुजर रहा पंजाब, खेत जलमग्न
अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चौहान ने कहा कि देश और मानवता की सेवा में पंजाबी हमेशा सबसे आगे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘लेकिन आज पंजाब बाढ़ के कारण मुश्किल दौर से गुज़र रहा है और कई गांव प्रभावित हैं, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खेत जलमग्न हो गए हैं।’ उन्होंने कहा कि केंद्र इस मुश्किल घड़ी में पंजाब के लोगों के साथ पूरी तरह खड़ा है। चौहान ने कहा, ‘मुझे प्रधानमंत्री ने पंजाब भेजा है। हम हालात का जायज़ा लेंगे और लोगों से बात करेंगे।’
पंजाब में कई विभागों की टीम पहुंची
चौहान ने बताया कि बाढ़ से उत्पन्न स्थिति का आकलन करने के लिए बृहस्पतिवार को दो केंद्रीय दल भी पंजाब पहुंच गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इन केंद्रीय दलों में कृषि, ग्रामीण विकास, सड़क, ऊर्जा, वित्त और जल शक्ति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये दल स्थिति का आकलन करेंगे और केंद्र को एक विस्तृत रिपोर्ट देंगे। चौहान सबसे पहले अमृतसर ज़िले के अजनाला में बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे और किसानों से बातचीत की। पानी में डूबे एक खेत में एक किसान से बातचीत करते हुए चौहान ने स्थिति का जायजा लिया।
रंधावा गांव में राज्यपाल ने चलाया ट्रैक्टर
बाद में, वह गुरदासपुर जिले के धर्मकोट रंधावा गांव पहुंचे। वह पंजाब भाजपा अध्यक्ष जाखड़ द्वारा चलाए जा रहे ट्रैक्टर पर सवार थे। फिर वह घुटनों से भी ज़्यादा गहरे पानी में डूबे खेतों में घुसकर धान की फ़सल का जायज़ा लेने गए। उन्होंने कहा, ‘नुकसान साफ़ दिख रहा है। फ़सल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। खेत पानी में डूब गए हैं।’उन्होंने कहा कि रावी नदी से आई गाद खेतों में जमा हो गई है और इससे अगली फसल के लिए संकट पैदा हो जाएगा।
