Navy chief Admiral Dinesh Kumar Tripathi Video: एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी जब भारतीय नौसेना के नए चीफ का पदभार ग्रहण करने से पहले मां रजनी त्रिपाठी का आशीर्वाद लेने पहुंचे तो वो क्षण बहुत ही भावुक कर देने वाला था। बेटे एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी को आशीर्वाद देते समय मां ने उन्हें गले से लगा लिया और बार-बार प्रणाम करने लगी। इस दौरान उनकी मां भावुक भी दिखीं।
नेवी चीफ बनने के बाद एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी अपनी मां से आशीर्वाद लेते हुए
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एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का भावुक कर देने वाला वीडियो
एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का मां से आशीर्वाद लेने का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें दिख रहा है कि जब एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी मां का आशीर्वाद लेने के लिए पैर छूते हैं, तो मां सिर और पीठ पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद देती हैं, इसके बाद बेटे को गले से लगा लेती हैं, पीठ थपथपाती हैं, प्रणाम करने लगती है, एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी की टोपी को प्रणाम करने लगती हैं।
कौन हैं एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी (Who is Admiral Dinesh Kumar Tripathi)
संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार को देश के 26वें नौसेना अध्यक्ष का प्रभार संभाल लिया। रीवा के सैनिक स्कूल के भूतपूर्व छात्र एडमिरल त्रिपाठी इससे पहले नौसेना के उप प्रमुख का पद संभाल रहे थे। एडमिरल त्रिपाठी का 15 मई 1964 को जन्म हुआ था और एक जुलाई 1985 में वह भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ वाइस एडमिरल त्रिपाठी का करीब 30 वर्ष का लंबा और विशिष्ट करियर रहा है। एडमिरल त्रिपाठी ने भारतीय नौसैन्य जहाज विनाश, किर्च और त्रिशूल की कमान भी संभाली है। नौसेना के उप प्रमुख का पद संभालने से पहले वह पश्चिमी नौसैन्य कमान के फ्लैट ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं।
एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी की प्राथमिकता
एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कार्यभार संभालने के बाद कहा कि भारतीय नौसेना को समुद्री क्षेत्र में उभरती चुनौतियों के मद्देनजर संभावित शत्रुओं से निपटने के लिए हर समय अभियान की दृष्टि से तैयार रहना होगा। एडमिरल त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा- "पिछले कुछ सालों में हमारी नौसेना युद्ध के लिए तैयार, एकजुट, विश्वसनीय और भविष्य के लिहाज से तत्पर बल के रूप में विकसित हुई है। समुद्री क्षेत्र में मौजूदा और उभरती चुनौतियों के मद्देनजर भारतीय नौसेना को शांतिकाल में संभावित शत्रुओं से निपटने के लिए हर समय परिचालन की दृष्टि से तैयार रहना होगा और यदि कहा जाए तो समुद्र में तथा समुद्र से युद्ध जीतने के लिए तैयार रहना होगा। मेरा एकमात्र ध्यान और प्रयास इस दिशा में होगा।
