Land allocation to BSF in Bengal: बंगाल की सुवेंदु अधिकारी सरकार घुसपैठियों के खिलाफ पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुकी है। सरकार में आने के बाद ही उसने कदम उठाने शुरू कर दिए। बीत 11 मई को अपने कैबिनेट की पहली बैठक में ही मुख्यमंत्री सुवेंदु सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन देने की मंजूरी दे दी। बंगाल की खुली सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन की मांग बीएसएफ लंबे समय से करती आ रही थी लेकिन तत्कालीन ममता सरकार ने उसकी इस मांग पर कोई निर्णय नहीं लिया। बीएसएफ अब को जमीन मिल गई है और उस पर वह फेंसिंग का काम शुरू कर चुकी है।
बांग्लादेश की सीमा पर गश्त करती बीएसएफ।
बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार अब तक बीएसएफ 142.79 एकड़ भूमि सौंप चुकी है। यही नहीं सुवेंदु सरकार को 45 दिनों के भीतर 600 एकड़ जमीन बीएसएफ को सौंपना है। बांग्लादेश और भारत के बीच करीब 4000 किलोमीटर लंबी सीमा है। इसमें उसकी सबसे लंबी सीमा बंगाल के साथ लगती है। बंगाल और बांग्लादेश के बीच 2,217 किलोमीटर लंबा बॉर्डर है। इसमें से 1,600 किलोमीटर सीमा पर फेंसिंग पहले ही हो चुकी है जबकि करीब 600 किलोमीटर सीमा पर बाड़ लगाया जाना है।
इन जिलों में BSF को मिली जमीन
- कूच बिहार 22.95 एकड़
- जलपाईगुड़ी 35.165 एकड़
- दार्जिलिंग 8.815 एकड़
- उत्तर दिनाजपुर 2.84 एकड़
- दक्षिण दिनाजपुर 20.1701 एकड़
- मालदा 10.90 एकड़
- मुर्शिदाबाद 38.805 एकड़
- नादिया 0.55 एकड़
- नॉर्थ 24 परगना 2.6 एकड़
अदालत में पेश नहीं किए जाएंगे घुसपैठिए
20 मई को मुख्यमंत्री ने राज्य में भारत-बांग्लादेश सीमा पर लंबे समय से लंबित बाड़बंदी परियोजनाओं के लिए 27 किलोमीटर क्षेत्र की जमीन बीएसएफ को सौंप दी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि घुसपैठियों को राज्य पुलिस गिरफ्तार कर सीधे बीएसएफ को सौंपेगी, उन्हें अदालत में पेश नहीं किया जाएगा। नबन्ना में बीएसएफ अधिकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राज्य की पहली बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती 27 किलोमीटर क्षेत्र की जमीन दो सप्ताह के भीतर बीएसएफ को हस्तांतरित कर दी जाएगी।
सीधे बीएसएफ को सौंपे जाएंगे घुसपैठिए
इस कदम के साथ सीमा सुरक्षा से जुड़ी बड़ी परियोजना औपचारिक रूप से शुरू हो गई, जिसके तहत सीमा अवसंरचना के लिए जरूरी जमीन बीएसएफ को दी जाएगी। सुवेंदु ने यह भी घोषणा की कि 'घुसपैठियों' को राज्य पुलिस द्वारा सीधे बीएसएफ को सौंपने की प्रक्रिया लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो समुदाय नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के दायरे में नहीं आते, उन्हें हिरासत में लेकर तुरंत निर्वासित किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार को निर्देश दिया था कि अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को सीधे बीएसएफ को सौंपा जाए। लेकिन उनके अनुसार, ममता बनर्जी सरकार ने इस निर्देश को लागू नहीं किया, जबकि 'हमने राज्य में पहली बार सत्ता में आने के बाद इसे लागू किया।'
घुसपैठियों में भगदड़, हकीमपुर चौकी पहुंचे
सुवेंदु ने पत्रकारों से कहा, 'हमारी सरकार और बीएसएफ अधिकारियों के बीच नियमित समन्वय बनाए रखते हुए हम अपने राज्य और देश दोनों की मजबूती से रक्षा करेंगे। पिछली राज्य सरकार ने सीएए का विरोध किया था।' सीएम सुवेंदु के एक्शन के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों में दहशत है। बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी वापस अपने देश जाने के लिए हकीमपुर चौकी के पास जुट रहे हैं। मीडिया से बातचीत में इन्होंने स्वीकार किया है कि ये गलत तरीके से भारत में दाखिल हुए।
