Abhijit Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बार फिर से बड़ा प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। दीपके ने पुलिस पर प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्रों को परेशान करने का आरोप लगाया है। X पर अपने एक पोस्ट में दीपके ने कहा कि 'छात्रों के खिलाफ यदि कथित कार्रवाई यदि जारी रही तो सीजेपी एक बड़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करेगी।' यही नहीं, दीपके ने सरकार पर भी प्रदर्शनकारियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
फिर प्रदर्शन करने की तैयारी में सीजेपी।
जल्द ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आयोजन करेंगे-सीजेपी
सरकार को चेतावनी जारी करते हुए दीपके ने कहा कि 'पुलिस अभी भी छात्रों को प्रताड़ित कर रही है। ऐसे में कॉकरोच जनता पार्टी जल्द ही एक बड़े शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आयोजन करेगी।' हालांकि केंद्र सरकार द्वारा संगठन की एक प्रमुख मांग स्वीकार किए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया है, लेकिन CJP नेताओं का कहना है कि उनका अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है।
'सीजेपी को बहुत लंबा सफर तय करना है'
दीपके ने कहा कि आंदोलन वापस लेने का मतलब यह नहीं है कि उनकी लड़ाई समाप्त हो गई है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा कि CJP को अभी 'बहुत लंबा सफर तय करना है' और प्रदर्शन के समापन को उन्होंने 'सिर्फ शुरुआत' बताया। उन्होंने परीक्षा विवाद के दौरान कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने की भी मांग की। हालांकि, केंद्र सरकार ने कहा है कि प्रभावित परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा दिया जाएगा।
CJP नेताओं ने यह भी संकेत दिया है कि संगठन शिक्षा सुधारों के लिए अपना अभियान जारी रखेगा और आंदोलन को जमीनी स्तर तक ले जाएगा। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने PTI से बातचीत में कहा कि संगठन युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा और शिक्षा तथा सुशासन में सुधार के लिए अपनी मुहिम जारी रखेगा।
रांका ने कहा-यह 'शर्म की बात’है
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने उच्चतम न्यायालय से जुड़े एक मामले को लेकर मंगलवार को केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि 25 जुलाई को हुई वार्ता के दौरान दिए गए आश्वासनों को अब तक पूरा नहीं किया गया है। जयपुर में 'पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में रांका ने कहा कि यह 'शर्म की बात’ है कि सरकार ने इस मुद्दे पर विरोध दर्ज नहीं कराया और पहले दिए गए आश्वासनों को भी लागू नहीं किया। उन्होंने कहा, '25 जुलाई को स्पष्ट आश्वासन दिया गया था कि दर्ज प्राथमिकी वापस ली जाएंगी और भविष्य में कोई नयी प्राथमिकी दर्ज नहीं होगी।’
'25 जुलाई को हुए समझौते का सम्मान करे सरकार'
रांका ने कहा, 'यदि केंद्रीय मंत्री की बात का कोई मूल्य नहीं है तो मुझे नहीं पता कि सरकार में किसकी बात का मूल्य है।’उन्होंने कहा, 'हम मांग करते हैं कि सरकार 25 जुलाई को हुए समझौते का सम्मान करे, हमें इसका लिखित दस्तावेज दे, सभी प्राथमिकी वापस ले और यह सुनिश्चित करे कि आगे कोई नयी प्राथमिकी दर्ज नहीं होगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम फिर से आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।’ रांका ने कहा कि उनकी पार्टी अपने किसी भी छात्र या युवा को परेशान नहीं होने देगी।
'कॉकरोच’ गटर से निकलकर सड़क पर आया-रांका
उन्होंने कहा, 'चाहे दिल्ली पुलिस हो, कोई केंद्रीय जांच एजेंसी हो या कोई अन्य सरकारी एजेंसी, हम किसी को भी छात्रों को परेशान नहीं करने देंगे।’ भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत की कथित 'गटर जेनरेशन’टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए रांका ने कहा, 'हां, हम 'गटर जेनरेशन’ हैं। लेकिन याद रखिए कि यही 'कॉकरोच’ गटर से निकलकर सड़क पर आया और आपके एक मंत्री का इस्तीफा दिलवाया।’उन्होंने दोहराया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो पार्टी दोबारा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।
