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AAIB पूरी तरह निष्पक्ष है, जांच पूरी होने से पहले पूर्वाग्रहपूर्ण धारणा न बनाएं : नायडू

नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि अहमदाबाद में पिछले महीने हुई एयर इंडिया विमान दुर्घटना की जांच कर रहा विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) पूरी तरह निष्पक्ष एजेंसी है, जो तय नियमों के तहत विस्तृत और ठोस जांच कर रहा है।

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के. राममोहन नायडू , केंद्रीय नागर विमानन मंत्री

नई दिल्ली: नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि अहमदाबाद में पिछले महीने हुई एयर इंडिया विमान दुर्घटना की जांच कर रहा विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) पूरी तरह निष्पक्ष एजेंसी है, जो तय नियमों के तहत विस्तृत और ठोस जांच कर रहा है।

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान नायडू ने कहा कि हम सच्चाई के साथ खड़े होना चाहते हैं, किसी और चीज के साथ नहीं... हम जानना चाहते हैं कि एयर इंडिया विमान हादसे में वास्तव में क्या हुआ और यह केवल एएआईबी की अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेगा।एयर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान 12 जून को अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहा था, जो उड़ान भरने के तुरंत बाद एक इमारत से टकरा गया। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 19 लोग ज़मीन पर मौजूद थे। विमान में सवार 242 यात्रियों में से केवल एक जीवित बचा।

उच्च सदन में पूरक प्रश्नों के जवाब में मंत्री ने यह भी बताया कि विमान के ब्लैक बॉक्स से डेटा निकालने में एएआईबी को सफलता मिली है।

नायडू ने कहा कि एएआईबी नियम-आधारित, स्पष्ट और पूरी तरह निष्पक्ष प्रक्रिया का पालन कर रहा है।उन्होंने बताया कि 12 जुलाई को एएआईबी ने हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की। उनके अनुसार, 17 जुलाई को ब्यूरो ने कहा कि अभी कोई ‘अंतिम निष्कर्ष’ निकालना जल्दबाज़ी होगी, क्योंकि जांच जारी है। नायडू के मुताबिक, एएआईबी ने सभी से अपील की है कि वे जांच पूरी होने से पहले पूर्वाग्रहपूर्ण धारणा न बनाएं। (भाषा इनपुट्स )

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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