Bhopal Gas Tragedy: 1984 में हुआ था भयानक हादसा, पीड़ित फिर मायूस, जानें अदालती लड़ाई की अब तक की कहानी

  • Written by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 14, 2023, 01:25 PM IST

भोपाल में कार्बाइड प्लांट में गैस रिसाव से 3,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। लेकिन बाद में मरने वालों की संख्या इससे भी ज्यादा थी। पीड़ित लोग अब भी मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के मुआवजे के तौर पर यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन की उत्तराधिकारी कंपनियों से अतिरिक्त 7,844 करोड़ रुपये की मांग वाली केंद्र की याचिका को खारिज कर दिया। भोपाल में कार्बाइड प्लांट में गैस रिसाव से 3,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। लेकिन बाद में मरने वालों की संख्या इससे भी ज्यादा थी। इससे पर्यावरण को भी काफी नुकसान हुआ था।

Bhopal Gas Tragedy

1984 में हुआ था भयानक हादसा

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल के नेतृत्व वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 12 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति अभय एस ओका, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जे के महेश्वर शामिल थे। केंद्र लंबे समय से यूसीसी की उत्तराधिकारी फर्मों से अतिरिक्त मुआवजा राशि की मांग कर रहा था लेकिन अदालत ने दावों को खारिज कर दिया। 12 जनवरी को उत्तराधिकारी फर्मों ने कहा कि 1989 में मूल समझौते के बाद से रुपया गिरा है, अब मुआवजे के टॉप-अप की मांग करने का आधार नहीं है।

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