कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर दीपके ने बुधवार (19 अगस्त) को केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले द्वारा अपनी पार्टी 'रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया (A)' या RPI(A) में शामिल होने के प्रस्ताव पर तंज कसा। दीपके ने अठावले के उस पुराने बयान की ओर इशारा किया जिसमें उन्होंने दीपके को सिर्फ़ एक महीने पहले 'देश-विरोधी' कहा था।
'अभी एक महीने पहले तो मैं तुम्हारे लिए देश-विरोधी था?' दीपके ने इंस्टाग्राम स्टोरी में यह बात कही और अठावले के रुख में आए इस बदलाव पर सवाल उठाया।
दीपके को पार्टी की युवा शाखा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की पेशकश
इस हफ्ते की शुरुआत में, खबर थी कि अठावले ने दीपके को पार्टी में शामिल होने और राजनीति में आने का न्योता दिया था। गौरतलब है कि RPI(A) बीजेपी के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) का हिस्सा है। दीपके को युवा और सक्रिय अंबेडकरवादी बताते हुए अठावले ने कहा कि वे RPI(A) में शामिल होने पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने दीपके को पार्टी की युवा शाखा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की पेशकश भी की।
शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया
गौरतलब है कि पिछले महीने जंतर-मंतर पर CJP का विरोध प्रदर्शन NEET UG पेपर लीक मामले में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ था।20 जुलाई को तनाव तब बढ़ गया जब CJP के 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हो गई। जहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग का आरोप लगाया, वहीं दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया। बाद में, तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया।
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अपने गांव से 'स्कूल ठीक करो' कैंपेन शुरू किया
मंगलवार को CJP के फाउंडर ने मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को चुनौती दी कि वे अपने बच्चों को कम से कम एक दिन के लिए गांव के स्कूलों में भेजें ताकि वे ग्रामीण छात्रों की मुश्किलों को समझ सकें। दीपके हिंगोली में ग्रामीण इलाकों के स्कूलों की समस्याओं को लेकर हो रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की क्योंकि वह उन बच्चों के लिए ट्रांसपोर्ट की बुनियादी सुविधा नहीं दे पाई जो स्कूल जाने के लिए लंबी दूरी तय करते हैं। उन्होंने कहा कि नेता चुनावी रैलियों के लिए बस और ट्रेन का इंतज़ाम तो कर लेते हैं, लेकिन गरीब छात्रों के लिए एक भी बस नहीं दे पाए हैं। दीपके ने हाल ही में हिंगोली ज़िले में अपने गांव से 'स्कूल ठीक करो' कैंपेन शुरू किया।
