Clash at JNU: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में भाषा संस्थान में चुनाव समिति के सदस्यों के चयन को लेकर दो समूहों के बीच गुरुवार रात झड़प हो गई। इसमें कुछ छात्र घायल हो गए। झड़प के दौरान दोनों पक्षों की ओर से जमकर लात-घूंसे चले। इस दौरान जमकर लाठियां भी चलीं। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि झड़प में घायल कुछ छात्रों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें एक शख्स कुछ छात्रों पर लाठी से वार कर रहा हैस वहीं एक अन्य क्लिप में एक व्यक्ति छात्रों पर साइकिल फेंकते दिखाई दे रहा है। इसके अलावा घटना के एक अन्य वीडियो में छात्रों के दो गुटों के बीच जमकर मार-पीट हो रही है और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी उन्हें बचाने की कोशिश करते दिख रहे हैं।
एबीवीपी ने क्या कहा
इस झड़प पर एबीवीपी (जेएनयू) के अध्यक्ष उमेश चंद्र अजमीरा ने कहा, वामपंथी छात्र चुनाव प्रक्रिया में धांधली करने की कोशिश कर रहे थे। स्कूल ऑफ लैंग्वेज के छात्रों ने आपत्ति जताई...पूरी प्रक्रिया 3-4 घंटे से अधिक समय तक रुकी रही। जब आधे घंटे बाद प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई, तो आइशी घोष (जेएनयू अध्यक्ष) ने चार कम्युनिस्ट नामों की घोषणा की और कहा कि वे चुने गए हैं। इस पर कार्यकर्ताओं ने नामों का खुलासा करने और चयन प्रक्रिया की मांग की। दानिश (एआईएसएफ सदस्य) ने कहा कि चार नहीं बल्कि चार नहीं बल्कि दो पुराने सदस्यों को ही दोबारा चुना गया है। आइशी और दानिश ने विरोधाभासी बातें कहीं। छात्र आपत्ति जता रहे थे। छात्र नामों का खुलासा करने और उन नामों को वापस लेने और स्वतंत्र व निष्पक्ष प्रक्रिया से चयन की मांग कर रहे थे। इसी बीच वामपंथी छात्रों ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी और 'दाफली' को हथियार बनाकर छात्रों पर हमला कर दिया। 200 से ज्यादा वामपंथी छात्रों ने वहां मौजूद 4-5 कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया, यह कोई नई बात नहीं है।
इस घटना के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी समूहों के छात्रों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही घायल छात्रों की संख्या के बारे में कोई जानकारी मिल सकी है।
