Shivsena Crisis: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले पार्टी टूटी और अब छह सांसद भी उससे अलग हो गए हैं। रिपोर्टों की मानें तो आगे शिवसेना (यूबीटी) के विधायक भी बागी तेवर अपना सकते हैं। यहां तक कि चर्चा यह भी है कि बीएमसी में भी उद्धव गुट के पार्षद बगावत का रास्ता अख्तियार कर सकते हैं। एक समय महाराष्ट्र की राजनीति में दबदबा रखने वाली शिवसेना धीरे-धीरे बिखरती और टूटती जाएगी, इसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी लेकिन राजनीति में कुछ भी असंभव और स्थिर नहीं होता। समय, हालात और परिस्थिति को देखते हुए नेता अपना सियासी चोला बदलते रहे हैं। यहां हम शिवसेना की स्थापना से लेकर उसके बिखरने तक के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के बारे में जानेंगे-
महाराष्ट्र में सियासत फिर गरमा गई है। तस्वीर-AI
1966: शिवसेना की स्थापना
19 जून 1966 को बाल ठाकरे ने मुंबई में शिवसेना की स्थापना की
शुरुआत में पार्टी का मुख्य एजेंडा "मराठी मानुष" और स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाना
1980 का दशक: हिंदुत्व की ओर झुकाव
पार्टी ने क्षेत्रीय राजनीति से आगे बढ़कर हिंदुत्व को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाया
बाल ठाकरे और लाल कृष्ण आडवाणी के दौर में भाजपा-शिवसेना गठबंधन मजबूत हुआ
1995: पहली बार सत्ता में
भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने महाराष्ट्र में सरकार बनाई
शिवसेना के मनोहर जोशी राज्य के मुख्यमंत्री बने
इसी दौर में बॉम्बे का नाम बदलकर मुंबई किया गया
2006: राज ठाकरे का अलग होना
राज ठाकरे ने पार्टी नेतृत्व को लेकर मतभेदों के बाद शिवसेना छोड़ी
उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का गठन किया
2012: बाल ठाकरे का निधन
17 नवंबर 2012 को बाल ठाकरे का निधन हुआ
इसके बाद पार्टी की कमान उनके बेटे उद्धव ठाकरे के हाथों में आई
2014: भाजपा-शिवसेना में तनाव
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों का दशकों पुराना गठबंधन टूट गया
हालांकि बाद में शिवसेना महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गई
2019: मुख्यमंत्री पद पर विवाद
विधानसभा चुनाव भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने साथ लड़ा
रिजल्ट आने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद हुआ
शिवसेना ने भाजपा से नाता तोड़कर NCP और कांग्रेस के साथ मिलकर महाविकास अघाड़ी सरकार बनाई
उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने
2022: एकनाथ शिंदे की बगावत
जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायकों ने बगावत कर दी
उद्धव ठाकरे सरकार गिर गई
शिंदे भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने
2023: नाम और चुनाव चिन्ह पर फैसला
चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को असली शिवसेना माना
पार्टी का नाम "शिवसेना" और चुनाव चिन्ह धनुष-बाण शिंदे गुट को मिला
उद्धव गुट को नया नाम शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) मिला
2024-2026: दो शिवसेनाओं की राजनीति
महाराष्ट्र की राजनीति में अब दो प्रमुख शिवसेना गुट सक्रिय हैं
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी)
