सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे की याचिका पर केंद्र सरकार के साथ महाराष्ट्र और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मोरे ने अपने खिलाफ अलग-अलग राज्यों में दर्ज FIR को एक साथ क्लब करने की मांग की है।
स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे (फाइल फोटो- pranitm3)
CJI की बेंच ने जारी किया नोटिस
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले में नोटिस जारी किया। मोरे की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि उनके खिलाफ दर्ज सभी FIR में आरोप लगभग एक जैसे हैं। वकील ने कहा कि मोरे सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं और मामले में ट्रायल का सामना करने के लिए तैयार हैं।
विवादित वीडियो पहले ही डिलीट किया गया था
मोरे की ओर से कोर्ट को यह भी बताया गया कि विवादित वीडियो FIR दर्ज होने से पहले ही डिलीट कर दिया गया था। वकील के मुताबिक, वीडियो प्रकाशित करने से पहले उनकी PR टीम ने उनसे मंजूरी नहीं ली थी।
₹370 की चिकन डिश से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, विवाद मोरे के एक स्टैंड-अप शो के दौरान की गई टिप्पणी से जुड़ा है। शो में मौजूद दर्शक हिमांशु जांगड़ा ने डेट पर ₹370 की चिकन डिश पर खर्च करने के बदले यौन संबंध की अपेक्षा से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मोरे के उस टिप्पणी पर हंसने और उसे "पीक गुरुग्राम कंटेंट” कहने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हुई।
महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने दर्ज की FIR
विवाद बढ़ने के बाद महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने मोरे, हिमांशु जांगड़ा और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की। रिपोर्ट के मुताबिक, FIR में BNS की धारा 75, 294, 353 और 354 के साथ IT एक्ट की धारा 67 लगाई गई हैं।
महिला आयोग ने भी भेजा था समन
इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से भी प्रणित मोरे को समन जारी किया गया था। इसके बाद मोरे ने सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।
