Himachal Pradesh Rain: हिमाचल प्रदेश को इस बार मॉनसून के मौसम में बारिश ने बर्बाद कर दिया है। सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और कई सौ करोड़ का नुकसान इस पहाड़ी राज्य को हो चुकी है। अभी भी राहत मिलती नहीं दिख रही है। बारिश से नदियां उफान पर हैं, लैंडस्लाइड की घटना आम हो गई है, बिजली लगातार गिर रही है। कुल मिलाकर राज्य प्राकृतिक आपदाओं से घिरा है।
हिमाचल में बारिश ने मचाई तबाही
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हिमाचल में कितनों की मौत
हिमाचल प्रदेश को इस बार बरसात ने गहरे जख्म दिए हैं। प्रदेश में अब तक 70 हजार करोड़ का नुकसान हो चुका है। 24 जून से अब तक 330 लोगो की जान जा चुकी है। पिछले चार दिन में ही 74 लोगों की मौत हो चुकी है। 16 लोग अभी भी लापता हैं। शवों की तलाश के लिए अभी भी कई जगहों पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
हिमाचल प्रदेश को कितना नुकसान
प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में 24 जून से लेकर आज तक 77 हजार करोड का नुकसान हुआ है। बागवानी क्षेत्र में भी काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस मानसून में अब तक 330 लोगों की जान जा चुकी है।
सरकार कर रही भरपाई की कोशिश
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बृहस्पतिवार को मंडी जिले के सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के मटेहड़ी, बालद्वारा, मसेरन और जुकैन के बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और वहां लोगों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। सुक्खू ने कहा था कि पिछले महीने जुलाई और इस सप्ताह हुई भारी बारिश की वजह से राज्य में अनुमानित 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों और जल परियोजनाओं के पुनर्निर्माण में समय लगता है, लेकिन सरकार इस प्रक्रिया में तेजी ला रही है। उन्होंने कहा कि हमें एक साल के भीतर बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से बहाल करना होगा। मैं इसी को ध्यान में रखकर काम कर रहा हूं। राज्य सरकार ने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि खर्च करने की शर्तों में बृहस्पतिवार को ढील दे दी। वहीं, लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चालू वित्त वर्ष के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में 254 सड़कों के उन्नयन के लिए 2,643 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
