Delhi Police: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। पिछले सात दिनों के भीतर राजधानी में कुल 27 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक, इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की चार प्रमुख धाराओं का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया गया है, जो प्रदर्शन के दौरान नियमों के उल्लंघन और कानून व्यवस्था बिगाड़ने से जुड़ी हैं।
CEC विरोध प्रदर्शनों पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन (फाइल फोटो)
संकलित आंकड़ों के अनुसार, कुल 27 में से 22 एफआईआर में BNS की धारा 3(5) लगाई गई है, जो साझा इरादे से किए गए अपराध की जिम्मेदारी तय करती है। इसके अलावा, 18 मामलों में लोक सेवक के आदेश की अवहेलना से जुड़ी धारा 223(a) जोड़ी गई है। वहीं, सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में धारा 221 और पुलिसकर्मियों पर हमले या ड्यूटी से रोकने से जुड़ी धारा 132 को 17-17 एफआईआर में शामिल किया गया है।
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पुलिस रिकॉर्ड में अन्य कई गंभीर धाराएं शामिल
इन सबके अलावा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या उसे विकृत करने के मामले में PDPP/DPDP कानून की धारा 3 के तहत भी 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस रिकॉर्ड में अन्य कई गंभीर धाराएं भी शामिल हैं। इनमें लोक सेवक को चोट पहुंचाने से जुड़ी धारा 121, जानबूझकर चोट पहुंचाने वाली धारा 115(2), रास्ता रोकने से संबंधित धारा 126(2) और गलत तरीके से बंधक बनाने या आवाजाही रोकने की धारा 127(2) प्रमुख हैं।
प्रदर्शनों के दौरान नियमों को तोड़ने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर नजर
इसके अलावा महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़ी धाराएं और खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाने से जुड़ी धारा 118(1) भी कुछ मामलों में लगाई गई हैं। यह कार्रवाई साफ दिखाती है कि प्रदर्शनों के दौरान नियमों को तोड़ने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर पुलिस बेहद सख्त रुख अपना रही है।
