3300 हॉर्स पावर, 100 KM की रफ्तार; मोज़ाम्बिक की पटरियों पर फर्राटा भरेगा भारत का हाईटेक रेल इंजन

उत्तर प्रदेश के बनारस रेल इंजन कारखाना से 10वां 3300 हॉर्स पावर का स्वदेशी डीज़ल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मोज़ाम्बिक के लिए भेज दिया गया है। यह 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है और इनमें आधुनिक और चालक-अनुकूल सुविधाएं दी गई हैं।

भारत की रेलवे तकनीक एक बार फिर दुनिया में अपनी पहचान बना रही है। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) द्वारा निर्मित 3300 हॉर्स पावर का स्वदेशी डीज़ल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मोज़ाम्बिक के लिए रवाना हो गया है। यह बरेका द्वारा मोज़ाम्बिक को भेजा गया दसवां लोकोमोटिव है, जो भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता का प्रमाण है। यह लोकोमोटिव 21 फरवरी 2026 को रवाना किया गया। बरेका को मोज़ाम्बिक के लिए कुल 10 लोकोमोटिवों के निर्माण और निर्यात का ऑर्डर मिला था, जिसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया गया। यह पूरा निर्यात कार्य RITES के माध्यम से किया गया है।

10th Swadeshi locomotive Diesel Engine

वाराणसी से मोज़ाम्बिक रवाना हुआ बरेका का 10वां स्वदेशी लोकोमोटिव

इन 3300 हॉर्स पावर वाले लोकोमोटिवों की खास बात यह है कि इन्हें केप गेज (1067 मिमी) के अनुसार डिजाइन किया गया है और ये 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम हैं। साथ ही, इनमें आधुनिक और चालक-अनुकूल सुविधाएं दी गई हैं, जैसे-

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