Maharashtra MLA Disqualification Verdict: जानें स्पीकर के फैसले के वो 10 आधार, जिससे बच गई एकनाथ शिंदे सरकार, उद्धव फिर हारे

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 10, 2024, 06:46 PM IST

Maharashtra MLA Disqualification Verdict: उद्धव गुट को झटका देते हुए स्पीकर राहुल नार्वेकर ने एकनाथ शिंदे गुट को ही असली शिवसेना माना है।

Maharashtra MLA Disqualification Verdict: महाराष्ट्र में शिंदे गुट के विधायकों की अयोग्यता पर फैसला आ गया है। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने एकनाथ शिंदे के पक्ष में फैसला सुनाया है। इसके लिए उन्होंने कई नियमों का आधार बनाया है।

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स्पीकर का फैसला एकनाथ शिंदे के पक्ष में

फैसले के 10 बड़े आधार

  1. शिवसेना (उद्धव गुट) द्वारा दायर की गई याचिका गलत है। क्योंकि संविधान के मुताबिक पार्टी के निर्णय राष्ट्र कार्यकारिणी के बात चीत करके ही निर्णय लिए जा सकते है। जो की पार्टी विभाजन के दौरान फॉलो नहीं किए गए है। उद्धव ठाकरे का एकनाथ शिंदे को पार्टी पोस्ट से बर्खास्त करने का निर्णय गलत था।
  2. 2018 में जो लीडरशिप स्ट्रक्चर शिवसेना पार्टी का इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर मौजूद है, उसको मद्दे नजर रखते हुए असली शिवसेना का चुनाव किया गया है। असली और नकली शिवसेना में विरोधी (एकनाथ शिंदे) पक्ष ही असली शिवसेना घोषित हुआ। डेप्युटी स्पीकर के समक्ष भी पार्टी में दो हिस्से या अलगाव को लेकर किसी तरीके साक्षो को पेश नहीं किया गया था।
  3. शिवसेना पार्टी में लीडरशिप को लेकर 2013 और 2018 में कोई चुनाव नहीं हुए, जिसके चलते पार्टी की लीडरशिप को लेकर कोई स्पष्ट नाम नही है। इसलिए 2018 के संशोधित संविधान को मान्य नहीं किया जा सकता।
  4. Rule 1986 के तहत पार्टी के संविधान में आनेवाले बदलावों को स्पीकर के समक्ष पेश कर जमा करना होता है। रिकॉर्ड के मुताबिक आज तक शिवसेना पार्टी ने उनके संविधान में किसी संशोधन का जिक्र, स्पीकर के समक्ष नही किया है। इसलिए संशोधित संविधान को यह स्थान नहीं दिया जा सकता।
  5. पार्टी के संविधान के मुताबिक पक्षप्रमुख के पास फैसले लेने के सारे अधिकार नहीं। फैसले लेने के लिए उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी से कंसल्ट करने के बाद ही अधिकार है।
  6. UBT समूह के प्रमुख नेता को पार्टी के अधिकतर नेताओ का समर्थन नहीं था। राइवल समूह (शिंदे) असली पार्टी नेता के तौर पर उभरे है।
  7. एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के निर्णयों को पूर्ण मान्यता देना गलत होगा क्योंकि उनके निर्णय पार्टी संविधान से लिए होने चाहिए।
  8. राष्ट्र कार्यकारिणी की कोई भी बैठक नही बुलाई गई थी, जिसमे असली और नकली शिवसेना पार्टी का निर्णय लिया जाए।
  9. महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने विधायकों की अयोग्यता पर फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा दिए गए 1999 के शिवसेना संविधान को पार्टी का संविधान वैध ठहराया। नार्वेकर ने 2018 के संविधान को वैध मानने के लिए उद्धव गुट द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया।
  10. महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि कौन सा गुट वास्तविक राजनीतिक दल है, इसका निर्धारण करने के लिए भारत के चुनाव आयोग द्वारा प्रदान किया गया शिवसेना का प्रासंगिक संविधान ही है।

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