World IBD Day: 19 मई को क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड इंफ्लेमेटरीबाउल डिजीज डे, जानिए इसका इतिहास, महत्व और 2025 की थीम

World IBD Day 2025 Significance History Theme: IBD एक ऐसी बीमारी है जो दिखती नहीं, लेकिन दर्द और तकलीफ बहुत देती है। वर्ल्ड आईबीडी डे उन सभी लोगों की आवाज बनकर आता है जो इस बीमारी से जूझ रहे हैं। अगर हम मिलकर इसके बारे में बात करें, समझें और साथ दें, तो बहुत से लोगों की जिंदगी आसान हो सकती है। चलिए इस आईबीडी दिवस पर जानते हैं क्यों खास है यह दिन...

World IBD Day 2025 Significance History Theme: क्या आपको पता है कि हर साल 19 मई को एक खास दिन मनाया जाता है, जिसे वर्ल्ड इंफ्लेमेटरी बाउल डिज़ीज डे यानी World IBD Day कहते हैं? ये दिन उन लोगों के लिए है जो पाचन से जुड़ी एक गंभीर बीमारी, जैसे कि क्रोहन डिज़ीज या अल्सरेटिव कोलाइटिस से जूझ रहे हैं। ये बीमारियां ऐसी होती हैं जिनमें पेट और आंतों में लगातार सूजन बनी रहती है, और ये दिन उन्हें समझने और उनके लिए जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। इस दिन का मकसद है लोगों को बताना कि ये बीमारी कितनी गंभीर है और समय रहते इलाज कितना जरूरी है।

World IBD Day 2025 Significance History Theme

World IBD Day 2025 Significance History Theme

वर्ल्ड IBD डे का इतिहास - World IBD Day History In Hindi

वर्ल्ड आईबीडी डे की शुरुआत साल 2010 में हुई थी। इसे यूरोप की एक संस्था यूरोपीयन फेडरेशन ऑफ ऑफ क्रोहन एंड अल्सरेटिव कोलाइटिस एसोसिएशन (EFCCA) ने शुरू किया था। तब से हर साल 19 मई को ये दिन दुनियाभर के करीब 50 से ज्यादा देशों में मनाया जाता है, ताकि इस बीमारी के बारे में लोग ज्यादा से ज्यादा जान सकें और इसका इलाज समय पर करवा सकें।

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