Winter hair Care Mistakes: सर्दियों का मौसम जहां ठंड से राहत और आराम लेकर आता है, वहीं इस दौरान बालों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। सही देखभाल न होने पर बाल झड़ने लगते हैं, पतले और रूखे हो जाते हैं। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों मानते हैं कि सर्दियों में नमी, पोषण और रक्त संचार की कमी बालों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। ऐसे में कुछ आदतें बालों की सेहत को और बिगाड़ सकती हैं।
बालों के झड़ने की वजह बनती हैं ये गलतियां
ऊनी टोपी और मफलर का ज्यादा इस्तेमाल
सर्दियों में ठंड से बचने के लिए ऊनी टोपी और मफलर पहनना आम बात है, लेकिन लंबे समय तक इन्हें पहनना बालों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऊन की रगड़ से बाल उलझते हैं, टूटते हैं और कमजोर हो जाते हैं। लगातार घर्षण के कारण बालों की ग्रोथ धीमी पड़ जाती है और वे पतले नजर आने लगते हैं।
धूप से दूरी बनाना
सर्दियों में धूप कम निकलती है और लोग अक्सर घर के अंदर ही रहते हैं। सूर्य की रोशनी से मिलने वाला विटामिन-डी बालों की जड़ों को मजबूत करता है। इसकी कमी से बालों के रोम निष्क्रिय हो जाते हैं, जिससे बाल झड़ने लगते हैं। आयुर्वेद भी हल्की धूप को बालों की ऊर्जा के लिए जरूरी मानता है।
शुष्क हवा का असर
इस मौसम में हवा में नमी कम होती है, जो बालों की प्राकृतिक नमी छीन लेती है। इससे बाल रूखे, बेजान और कमजोर हो जाते हैं। सिर की त्वचा भी सूखने लगती है, जिससे जड़ों तक पोषण सही तरीके से नहीं पहुंच पाता और बालों की बढ़त प्रभावित होती है।
गर्म पानी से बाल धोना
ठंड में गर्म पानी से नहाना सुकून देता है, लेकिन यह बालों के लिए नुकसानदायक है। गर्म पानी बालों के प्राकृतिक तेल खत्म कर देता है और क्यूटिकल्स को नुकसान पहुंचाता है। इसके चलते बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं और उनकी मोटाई भी कम हो जाती है।
हीट टूल्स का अधिक प्रयोग
ड्रायर, स्ट्रेटनर और कर्लर जैसे गर्म उपकरण सर्दियों में बालों को जल्दी सुखाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। लेकिन इनका ज्यादा उपयोग बालों की नमी खत्म कर देता है और उनकी ग्रोथ को धीमा कर देता है। इससे बाल समय से पहले टूटने लगते हैं।
रक्त संचार की कमी
ठंडी हवा के कारण सिर की त्वचा की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इससे बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व कम पहुंचते हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह भी बालों के कमजोर होने और झड़ने की बड़ी वजह है।
