मानसून में क्यों बढ़ जाते हैं फेफड़ों में इंफेक्शन के मामले, एक्सपर्ट से जानें इससे बचाव के उपाय

मानसून यानी बरसात का मौसम आते ही हवा में नमी (आर्द्रता) बढ़ जाती है। वहीं इस मौसम में तापमान का बदलाव भी लगातार देखा जाता है। जो आपके लिए सांस से जुड़ी बीमारियों का कारण बन जाता है। आज हम आपको एक्सपर्ट की सहायता से इसके बारे में विस्तार से बताएंगे।

बरसात यानी मानसून का मौसम आते ही हवा में नमी (आर्द्रता) बढ़ जाती है। वहीं इस मौसम में तापमान भी कभी कम, कभी ज्यादा होता रहता है। यही वजह है कि इस मौसम में बीमारियां का खतरा भी बढ़ जाता है। वातावरण में नमी होने के कारण वायरस, बैक्टीरिया और फंगस (कवक) आदि तेजी से पनपते हैं और लंबे समय तक जिंदा भी रहते हैं। यही कारण है कि इस मौसम में कुछ खास तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगता है। मानसून से जुड़ी इस हेल्थ प्रॉब्लम को लेकर हमने बात की यशोदा अस्पताल, हैदराबाद, के सलाहकार इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजिस्ट, डॉ. के. युगवीर गौड़ से...

monsoon disease (Photo - Canva)

मानसून में क्यों बढ़ता है संक्रमण?

डॉ. के. युगवीर गौड़ के मुताबिक इस मौसम में वातावरण में नमी होने के कारण वायरस, बैक्टीरिया और फंगस (कवक) आदि तेजी से पनपते हैं और लंबे समय तक जिंदा भी रहते हैं। जैसे, फ्लू का वायरस गीली सतहों पर लगभग 2 दिन तक जीवित रह सकता है, लेकिन सूखी जगह पर जल्दी खत्म हो जाता है। यही कारण है कि यह मानसून के मौसम में लोगों के बीच आसानी से फैल जाता है।

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