Pancreatic Cancer: क्यों साइलेंट किलर कहा जाता है पैंक्रियाटिक कैंसर, जानें क्यों देर से चलता है इसका पता

देश में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, जिसमें अलग-अलग तरह के कैंसर लोगों में देखने को मिल रहे हैं। आज हम आपको पैंक्रियाटिक कैंसर के बारे में विस्तार से बताएंगे, जिसे साइलेंट किलर कहा जाता है।

Pancreatic Cancer: कैंसर की दुनिया में कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती हैं, लेकिन लंबे समय तक अपने होने का कोई साफ संकेत नहीं देतीं हैं। पैंक्रियाटिक कैंसर यानी अग्न्याशय का कैंसर ऐसी ही एक बीमारी है, जिसे आमतौर पर 'साइलेंट किलर' के नाम से भी जाना जाता है। इसे साइलेंट किलर कहने के पीछे कारण है कि कि ज्यादातर मामलों में इसका पता तब चलता है जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है और इलाज के विकल्प बहुत सीमित हो जाते हैं।

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पैंक्रियाटिक कैंसर

हर साल दुनिया भर में लाखों लोग पैंक्रियाटिक कैंसर से पीड़ित होते हैं। नई दिल्ली, होप ऑन्कोलॉजी के निदेशक डॉ. अमीश वोरा के अनुसार, पैंक्रियाटिक कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती इसकी देर से पहचान (pancreas cancer awareness) है। शुरुआती चरण में इसके लक्षण या तो दिखाई नहीं देते या इतने साधारण दिखाई देते हैं कि लोग उन्हें सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

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