आज घरों में पालतू जानवर पालने का चलन काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। लोग कुत्ता, बिल्ली जैसे जानवरों को घरों मे पालना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके ये पसंदीदा जानवर अपने साथ आपके लिए एक एक जानलेवा वायरस लेकर घूमते हैं। जी हां कुत्ता और बिल्ली जैसे जानवरों के शरीर में रेबीज नाम का वायरस पाया जाता है, जो हमारे लिए जानलेवा तक साबित हो सकता है। यदि आप पालतू जानवर को दुलार करते समय वह आपको हल्का फुल्का काट लेता है, तो आपको इसे हल्के में लेने की जरूरत नहीं है। ऐसा होने पर आप बिना देर किए आपको रैबीज का इंजेक्शन लगवा लेना चाहिए। क्योंकि यदि समय से इसका इंजेक्शन न लगाया जाए तो रेबीज एक लाइलाज बीमारी है, जो हमारे लिए जानलेवा साबित होती है। इसकी गंभीरता को देखते हुए 28 सितंबर के दिन दुनिया भर में World Rabies Day के रूप में मनाया जाता है। आइए जानते हैं इसके इतिहास, थीम और महत्व के बारे में...
World Rabies Day का इतिहास - World Rabies Day History in Hindi
World Rabies Day मनाने की शुरुआत साल 2007 से हुई है। जिसमें ग्लोबल अलाइंस फॉर रेबीज कंट्रोल ने इसे मनाने की घोषणा की थी। इस दिन को मनाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने भी अपनी सहमति दी। क्योंकि इसका उद्देश्य रेबीज के बढ़ते मामलों में कमी लाना था। इसके बाद साल 2007 से प्रत्येक वर्ष यह दिन मनाने की शुरुआत हुई है।यह भी पढ़ें - महिलाओं के लिए वरदान है किचन में रखा ये मसाला, PCOS से लेकर मेनोपॉज जैसी समस्याओं का है रामबाण इलाज
