बैठने के बाद खड़े होते ही क्यों लड़खड़ा जाते हैं पैर, जानिए किस न्यूरोलॉजिकल समस्या का हो सकता है संकेत

Locked-in Syndrome: बैठने के बाद खड़े होते ही अगर आपके पैर लड़खड़ा जाते हैं या संतुलन बिगड़ जाता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह समस्या एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर ऑर्थोस्टैटिक ट्रेमर का संकेत हो सकती है। जानिए इसके लक्षण, कारण और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, आसान और रोजमर्रा की भाषा में।

Locked-in Syndrome Kya Hai: कई बार ऐसा होता है कि लंबे समय तक बैठे रहने के बाद जैसे ही हम खड़े होते हैं, पैर अचानक लड़खड़ा जाते हैं। कुछ सेकंड के लिए संतुलन बिगड़ता है, शरीर साथ नहीं देता और मन में डर बैठ जाता है कि कहीं कमजोरी तो नहीं। आमतौर पर लोग इसे थकान, लो बीपी या उम्र से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में यह समस्या एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर का संकेत भी हो सकती है, जिसे समझना और समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।

लॉक्ड-इन सिंड्रोम

लॉक्ड-इन सिंड्रोम (PC- Istock)

क्या है लॉक्ड-इन सिंड्रोम (Locked-in Syndrome In Hindi)

लॉक्ड-इन सिंड्रोम एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें व्यक्ति अपने शरीर को हिला नहीं सकता लेकिन वह पूरी तरह से होश में होता है। इस स्थिति का मुख्य कारण मस्तिष्क के पोंस नामक हिस्से में नुकसान होता है। यह स्थिति आमतौर पर 30 से 50 वर्ष की आयु के लोगों को प्रभावित करती है।

लॉक्ड-इन सिंड्रोम के सामान्य लक्षण (Symptoms Of Locked In Syndrome In Hindi)

लॉक्ड-इन सिंड्रोम के लक्षणों में शामिल हैं:

- चेहरा नहीं हिला पाना

- बोलने में कठिनाई

- आँखों के नीचे किसी भी तरह की गतिविधि नहीं कर पाना

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