जानिए क्या हैं चमगादड़ से फैली कॉन्गो की रहस्यमयी बीमारी के लक्षण, जिससे कुछ ही घंटों के भीतर 50 लोगों ने तोड़ दिया दम

13 फरवरी की तारीख को विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने इस बात की पुष्टि की है, कि एक अज्ञात बीमारी से कॉन्गो देश में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई है। आइए जानते हैं क्या है ये रहस्यमयी बीमारी और इसके लक्षणों के बारे में विस्तार से...

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ये अज्ञात बीमारी कॉन्गो के बोलोको से फैली है। जहां तीन बच्चों ने चमगादड़ का मांस खाया था और दो दिनों के भीतर ही तीनों की मौत हो गई। जानवरों से इंसानों में फैलने वाली इस बीमारी को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) अलर्ट पर है। शुरुआत में इस बीमारी का पता लगाने के लिए जो लैब टेस्ट हुए उसमें ये एक जटिल किस्म का मलेरिया पाया गया, जिससे इसके फैलने के कारणों पर बात करना और मुश्किल हो गया। आइए जानते हैं क्या है ये रहस्यमयी बीमारी।

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क्या है ये कॉन्गो की बीमारी

ये एक तरह का हेमोरैजिक फीवर है, जो एक जूनोटिक बीमारी माना जा रहा है, यानी जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारी। सिर्फ पांच हफ्ते से फैली इस बीमारी से 50 लोगों की मौत हो चुकी है। ज्यादातर मरीज बीमारी शुरू होने के 48 घंटों के भीतर ही मर जाते हैं। लक्षणों के दिखने और मौत के बीच के इस ठोटे गैप से स्वास्थ्य विशेषज्ञों चिंतित हैं। दूसरे आउटब्रेक के बाद, 13 मामलों के नमूने टेस्ट के लिए किंशासा में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर बायोमेडिकल रिसर्च को भेजे गए। सभी सैंपल इबोला और मारबर्ग जैसी बीमारियों के लिए निगेटिव पाए गए, हालांकि कुछ नमूनों में मलेरिया के लिए पॉजिटिव पाया गया।

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