Home Remedies For Sore Throat During Pollution: दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। जहरीले धुएं और स्मॉग के चलते गले में जलन, खराश, सूखापन और खांसी जैसी दिक्कतें तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसे समय में शरीर के अंदर जाते प्रदूषक सीधे गले और फेफड़ों पर असर डालते हैं। लेकिन चिंता की बात नहीं है, क्योंकि आपके किचन में ही मौजूद कुछ देसी नुस्खे मिनटों में गले को राहत दे सकते हैं। आइए जानते हैं वो 5 घरेलू उपाय जो इस मौसम में गले की तकलीफ दूर करेंगे।
Home Remedies For Sore Throat During Pollution
गुनगुने नमक के पानी से गरारा
खराब हवा से गले में जमा धूल और बैक्टीरिया को निकालने का सबसे आसान तरीका है गरारा करना। एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक डालकर दिन में दो से तीन बार गरारा करें। नमक में नैचुरल एंटीसेप्टिक प्रॉपर्टीज होती हैं जो गले की सूजन को कम करती हैं और बैक्टीरिया को खत्म करती हैं। लगातार दो-तीन दिन ऐसा करने से गले की खराश और दर्द में काफी राहत मिलती है।
शहद और अदरक का मिश्रण
अगर गला बैठ गया है या बोलने में तकलीफ हो रही है, तो एक चम्मच शहद में थोड़ा सा ताजा अदरक का रस मिलाएं। इस मिश्रण को धीरे-धीरे चाटें। शहद गले की सूजन को शांत करता है, जबकि अदरक में मौजूद जिंजरोल गले की जलन को कम करता है। यह मिश्रण एक तरह से नैचुरल एंटीबायोटिक की तरह काम करता है और खांसी को भी शांत करता है।
तुलसी और काली मिर्च की चाय
तुलसी, काली मिर्च और थोड़ा सा शहद मिलाकर बनी चाय सर्दी-खांसी और गले की खराश में बेहद फायदेमंद होती है। तुलसी इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है और गले में जमा बलगम को साफ करती है। काली मिर्च में मौजूद पाइपरिन तत्व गले के दर्द और जलन को शांत करता है। यह देसी काढ़ा न सिर्फ गले को राहत देता है, बल्कि सांस लेने में भी आसानी करता है।
भाप लेना
वायु प्रदूषण के कारण गले में जमा धूल और विषैले कणों को बाहर निकालने के लिए भाप लेना बहुत कारगर तरीका है। एक बड़े बर्तन में पानी उबालें और सिर पर तौलिया रखकर 5–7 मिनट तक भाप लें। चाहें तो पानी में कुछ बूंदें नीलगिरी या कपूर तेल की डाल सकते हैं। यह गले के अंदर तक नमी पहुंचाता है और सूखापन कम करता है।
हाइड्रेशन बनाए रखें
दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है। सूखे गले में जलन और खराश बढ़ जाती है, इसलिए गर्म पानी, सूप या हर्बल टी का सेवन करें। इससे गले की परतें नम रहती हैं और गले में फंसे प्रदूषक बाहर निकलने में आसानी होती है। ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक या आइसक्रीम से फिलहाल दूरी बनाकर रखें।
दिल्ली जैसी जगहों में बढ़ता प्रदूषण अब सिर्फ आंखों या फेफड़ों को नहीं, बल्कि गले को भी सीधा नुकसान पहुंचा रहा है। अगर शुरुआत में ही इन देसी नुस्खों को अपनाया जाए, तो गले की खराश और दर्द को बढ़ने से रोका जा सकता है। ध्यान रखें, अगर समस्या तीन दिनों से ज्यादा बनी रहती है या गले में तेज दर्द के साथ बुखार हो, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
