Bad habbits effects Bone Health: दौड़ भाग भरी जिंदगी, खराब लाइफस्टाइल तनाव शरीर के कई अंगों को प्रभावित करते हैं। पहले माना जाता था कि 50 साल से ज्यादा उम्र में हड्डियां कमजोर होती है। हालांकि, अब कम उम्र में भी हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। हड्डियों में कमजोरी का मुख्य कारण कैल्शियम की कमी माना जाता है। इसके अलावा डेली लाइफ में की गई कुछ गलतियों से भी आपकी हड्डियां कमजोर हो सकती है। ऐसे में जानिए कुछ ऐसी गलतियां जिससे आपकी हड्डियों की सेहत पर पड़ता है असर।
Bone Density
शराब का सेवन (Alcohol consumption) शरीर के कई अंगों को खराब कर सकता है। इसका असर हड्डियों पर भी पड़ता है। यदि आपको शराब की लत है तो इससे तुरंत छुटकारा पाने की कोशिश करें। शराब की लत के कारण हड्डियां कमजोर होकर धीरे-धीरे टूटने की कगार पर आ जाती है। ऐसे में इस लत से जितनी जल्दी हो सके अपना पीछा छुड़ा लें। हड्डियों के अलावा शराब आपके फेफड़े, किडनी और लिवर पर भी बुरा असर डालती है। शराब के अलावा सिगरेट का अत्यधिक सेवन भी हड्डियों को कमजोर कर सकता है।
जरूरत से ज्यादा नमक
खाने में नमक की मात्रा अधिक न केवल स्वाद को बिगाड़ देती है बल्कि इससे हड्डियां भी कमजोर करता है। दरअसल नमक की अधिक मात्रा हड्डियों के घनत्व यानी बोन डेंसिटी को कम कर सकती है। नमक में सोडियम होता है, ये शरीर में कैल्शियम को कम कर सकता है। यदि आप ज्यादा मात्रा में नमक खाते हैं तो शरीर में कैल्शियम की मात्रा कम होने लगती है। ऐसे में खाने में नमक की मात्रा को बेहद सीमित रखना चाहिए।
पर्याप्त धूप न लेना
डेस्क जॉब के कारण कई लोग पर्याप्त मात्रा में धूप नहीं ले पाते हैं। धूप विटामिन डी का अच्छा स्त्रोत है। विटामिन डी की शरीर में कमी होने के कारण कैल्शियम भी शरीर को नहीं मिल पाता है। अपनी डाइट में पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी से जुड़े आहार शामिल करें। वहीं, कोल्डड्रिंक का भूलकर भी सेवन न करें। इसके अलावा कोशिश करें कि हर रोज लगभग आधे घंटे जरूर धूप लेने की कोशिश करें।
ज्यादा देर तक बैठना आपकी हड्डियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप नियमित तौर पर व्यायाम करते रहे। साथ ही कई घंटों तक एक ही जगह पर बैठने से बचें।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
