बीमारी को ठीक करने की उम्मीद से ली जा रही दवा यदि आपको बीमार करने लगे तो कितनी मुसीबत खड़ी हो सकती है। जी हां नकली दवाओं का बाजार आज काफी तेजी से बड़ा होता जा रहा है। आंकड़ों की मानें तो दुनिया भर में लगभग 35 हजार ऑनलाइन दवाएं देने वाले प्लेटफॉर्म (फार्मेसी) अवैध रूप से चल रहे हैं। जिनका इस्तेमाल करके लोगों को नकली दवाएं डिलीवर की जा रही हैं। अमेरिका से नकली दवाओं के बाजार पर जारी होने वाली सालाना रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। आइए जानते हैं इस रिपोर्ट के बारे में विस्तार से...
क्या है रिपोर्ट के आंकड़े?
इस रिपोर्ट में भारत और चीन जैसे एशियाई देशों के 36 बड़े ऑनलाइन दवा रिटेलर्स के नाम दिए गए हैं। जिसमें बताया गया है कि ये सभी उत्पाद नकली दवाएं बेचने या उनके संबंध में किसी न किसी तरह लिप्त हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑनलाइन दवाएं बेचने वाली 96% कंपनियां फार्मेसी कानून तोड़ते हुई पाई गई हैं। ये बिना डॉक्टर से पर्चे के भी लोगों को दवाएं डिलीवर कर रही हैं।
सेहत से खिलवाड़
लोगों की सेहत से जुड़ी इस रिपोर्ट में 'अलायंस फॉर सेफ ऑनलाइन फार्मेसी ग्लोबल फाउंडेशन' के सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया है कि ऑनलाइन खरीदी गईं दवाओं को 4 में से 1 व्यक्ति ने घटिया या नकली बताया है। इसके साथ ही लोगों ने बताया कि ये दवाएं हानिकारक भी साबित हुई हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि बीते साल अमेरिका में नकली गोलियां खाने से 9 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
कैसे करें बचाव?
- दवाओं को खरीदने के लिए कोशिश करें कि खुद फार्मेसी से जाकर ही खरीदा जाए।
- फार्मेसी का चयन करते समय किसी भी ऑफर के लालच में न आएं और प्रतिष्ठित स्टोर से ही खरीदें।
- बिना डॉक्टर से सलाह लिए दवाएं खरीदना आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
- ऑनलाइन दवाएं खरीदने कि लिए किसी विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
