Side Effects Of Stress In Pregnancy In Hindi: गर्भवती महिलाओं को हमेशा यह सलाह दी जाती है कि वे ज्यादा से ज्यादा खुश रहने की कोशिश करें। क्योंकि इसका उनके गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं, इसके विपरीत अगर गर्भवती महिलाएं अगर तनाव लेती हैं, तो इसका उनके बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। यह न सिर्फ गर्भ में होने के दौरान बच्चे के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि भविष्य में बच्चों में कई खतरनाक बीमारियों के जोखिम में डाल सकता है।
Side Effects Of Stress In Pregnancy
हाल ही में एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि जो महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान अधिक तनाव लेती हैं, उनके बच्चों में भविष्य में मोटापे और डिप्रेशन जैसी गंभीर स्थितियां देखने को मिल सकती हैं। यह बच्चे के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है और अध्ययन में क्या कुछ पाया गया है, इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं...
बच्चे में ट्रांसफर हो सकता है तनाव
अमेरिकन जर्नल ऑफ ह्यूमन बायोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि प्रेग्नेंसी में महिला के लिए अधिक तनाव लेना न सिर्फ उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि यह उनके बच्चे की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकता है। यह भविष्य में भी बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ा सकता है। यह बच्चों में डिप्रेशन और वजन बढ़ने या मोटापे का कारण भी बन सकता है। गर्भवती महिला अगर तनाव लेती है तो यह गर्भ में पल रहे बच्चे में भी ट्रांसफर हो सकता है, जो जीवन में बाद में उन्हें प्रभावित कर सकता है।
कैसे किया गया अध्ययन
यह अध्ययन 46 माताओं और 40 बच्चों पर किया गया। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बच्चों के बालों में कोर्टिसोल के स्तर और मातृ प्रसवपूर्व अवसाद (maternal prenatal depression) के बीच एक संबंध की खोज की। अध्ययन में यह बात सामने आई कि एक बच्चे का दीर्घकालिक तनाव शरीर गर्भाशय में अनुभव की गई स्थितियों से प्रभावित हो सकता है।
तनाव बढ़ा सकता है भविष्य में परेशानियां
अध्ययन की सह-लेखिका थेरेसा गिल्डनर ने बताया अगर प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं अधिक तनाव लेती हैं, तो इसकी वजह से कई तरह की समस्याओं का जोखिम बढ़ता है। यह बच्चे में जन्म के दौरान वजन कम होने का कारण बन सकता है। यह बाद के जीवन में बच्चे में व्यवहारिक समस्याएं और कोर्टिसोल-संबंधित स्वास्थ्य स्थितियों का कारण बन सकता है। इसकी वजह से बच्चे में अवसाद, चिंता, पाचन समस्याएं और वजन बढ़ना आदि जैसी स्थतियां देखने को मिल सकती हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
