Severe AQI In Delhi: दिल्ली की हवा इन दिनों जहर से कम नहीं है। दिवाली के बाद से प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि यहां सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। सुबह-सुबह पार्कों में टहलने वालों के लिए ये समय बेहद खतरनाक साबित हो सकता है, खासकर बुजुर्गों और सांस से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब हवा में सूक्ष्म कणों की मात्रा (PM2.5 और PM10) बढ़ जाती है, तो सुबह की सैर फेफड़ों को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान कर सकती है। आइए जानें क्यों और कैसे बच सकते हैं इस खतरे से।
Severe AQI In Delhi
सुबह की सैर बन सकती है जानलेवा
दिल्ली-एनसीआर में इस हफ्ते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 से पार पहुंच चुका है, जो 'Severe' कैटेगरी में आता है। इसका मतलब है कि हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व न सिर्फ आंखों और गले में जलन पैदा करते हैं, बल्कि फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर सांस की दिक्कत, खांसी और ब्लड ऑक्सीजन लेवल पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में सुबह के वक्त, जब कोहरा और स्मॉग एक साथ मिल जाते हैं, तब टहलना किसी भी तरह से सुरक्षित नहीं होता।
बुजुर्गों के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक है ये हवा
उम्र के साथ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) और फेफड़ों की क्षमता दोनों ही कम हो जाती हैं। बुजुर्गों को अक्सर अस्थमा, COPD, ब्लड प्रेशर या हार्ट से जुड़ी बीमारियां होती हैं। जब वे इस जहरीली हवा में टहलने निकलते हैं, तो सूक्ष्म कण सीधे फेफड़ों में जाकर सूजन और इंफेक्शन पैदा करते हैं। यही कारण है कि डॉक्टर सलाह देते हैं कि जब AQI 'Very Poor' या 'Severe' लेवल पर हो, तो बुजुर्गों को घर में ही हल्का व्यायाम या योग करना चाहिए।
शाम क्यों बेहतर विकल्प हो सकती है
सुबह के वक्त हवा में नमी और स्मॉग का घनत्व ज्यादा होता है। सूर्य निकलने से पहले ये जहरीले कण ज़मीन के करीब रहते हैं, जिससे एक्सपोजर ज्यादा बढ़ जाता है। दिन में जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, प्रदूषण थोड़ा ऊपर फैल जाता है। ऐसे में अगर बहुत ज़रूरी हो, तो शाम को या दोपहर के हल्के समय में ही टहलने का विकल्प चुनें। हालांकि डॉक्टरों की मानें तो जब तक AQI सामान्य स्तर (100 से नीचे) न हो, तब तक बाहर एक्सरसाइज करने से बचना ही बेहतर है।
घर पर ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल
अगर आप बाहर नहीं जा पा रहे हैं, तो चिंता की बात नहीं। घर पर ही योग, प्राणायाम और हल्की स्ट्रेचिंग से शरीर को एक्टिव रखा जा सकता है। खासकर अनुलोम-विलोम और कपालभाति जैसी ब्रीदिंग एक्सरसाइज फेफड़ों को मजबूत करती हैं और ऑक्सीजन सर्कुलेशन को बेहतर बनाती हैं। इसके अलावा घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें, दरवाजे-खिड़कियां सुबह के समय बंद रखें और ज्यादा धूल-धुएं वाले इलाकों से दूरी बनाएं।
खानपान से बढ़ाएं शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा
डाइट भी इस मौसम में बहुत मायने रखती है। विटामिन C, E और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजें जैसे कि आंवला, संतरा, नींबू, हल्दी, तुलसी और शहद रोज लें। ये न सिर्फ इम्युनिटी बढ़ाते हैं बल्कि फेफड़ों में जमा टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं। साथ ही ज्यादा पानी पीना, सूप या हर्बल चाय लेना शरीर की सफाई में मददगार होता है।
दिल्ली की जहरीली हवा अब सेहत के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए ये समय बेहद संवेदनशील है। इस मौसम में फिट रहने की चाह को थोड़े समय के लिए विराम देना ही समझदारी है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
