इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है खाने की चीजों में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक, बुरी तरह से डैमेज हो सकता है लिवर

  • Agency by: Agency
  • Updated Jun 3, 2025, 12:03 PM IST

हाल ही में पशुओं पर किए गए अध्धयन में ये पाया गया है कि एक नए अध्ययन में पाया गया है कि खाने-पीने की चीजों में पाए जाने वाले माइक्रोप्लास्टिक शरीर के ग्लूकोज को प्रोसेस करने की प्रक्रिया (ग्लूकोज मेटाबॉलिज़्म) को प्रभावित कर सकते हैं।

पशुओं पर किए गए एक नए अध्ययन में पाया गया है कि खाने-पीने की चीजों में पाए जाने वाले माइक्रोप्लास्टिक शरीर के ग्लूकोज को प्रोसेस करने की प्रक्रिया (ग्लूकोज मेटाबॉलिज़्म) को प्रभावित कर सकते हैं। इससे लिवर डैमेज हो सकता है। इस अध्ययन के बाद से यह चिंता बढ़ गई है कि जो लोग माइक्रोप्लास्टिक्स और नैनोप्लास्टिक्स वाले पदार्थों का सेवन कर रहे हैं, उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ये छोटे-छोटे प्लास्टिक कण खाने की चीजों में मिल सकते हैं, खासकर समुद्री भोजन और अन्य खाद्य पदार्थों में भी पाए जा सकते हैं।

Untitled design (1)

पिछले अनुमान बताते हैं कि एक व्यक्ति हर साल खाने-पीने की चीजों के जरिए करीब 40,000 से 50,000 माइक्रोप्लास्टिक कण निगल सकता है। कुछ अनुमानों के मुताबिक, यह संख्या सालाना 10 लाख (1 मिलियन) कणों तक भी पहुंच सकती है। अमेरिका के डेविस शहर में स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय की पीएचडी छात्रा एमी पार्कहर्स्ट ने कहा, "हमें यह पता लगाना है कि पॉलीस्टाइरीन नैनोप्लास्टिक के शरीर में जाने से ग्लूकोज से जुड़ी गड़बड़ी और लिवर को नुकसान होता है। हाल ही में किए गए पशु अध्ययनों के नतीजों की पुष्टि करता है और उन्हें और आगे बढ़ाता है।"इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने खाने-पीने की चीजों के जरिए शरीर में जाने वाले नैनोप्लास्टिक कणों पर ध्यान केंद्रित किया।

End of Feed