People Are Reaching ICU Due To Rising Temperature And Heat Wave: इस बार की गर्मी कुछ ज्यादा ही कहर बरपा रही है। दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग तेज बुखार, बेहोशी और हीट स्ट्रोक की वजह से सीधे अस्पतालों के ICU तक पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अब ये सिर्फ मौसम की मार नहीं है, ये जानलेवा हालात बन चुके हैं।
People Are Reaching ICU Due To Rising Temperature And Heat Wave
अमृता हॉस्पिटल फरीदाबाद के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञडॉ. मोहित शर्मा, बताते हैं कि हीट स्ट्रोक के कई ऐसे केस सामने आए हैं जहां मरीज का शरीर 42 डिग्री तक गर्म हो गया, और उन्हें तुरंत वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी। ऐसे में सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
गर्मी से सीधे जान पर बन आई है
- अब सिर्फ बुज़ुर्ग या बीमार लोग नहीं, युवा और फिट लोग भी हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं
- डिलीवरी बॉय, निर्माण मजदूर और मेट्रो से आने-जाने वाले ऑफिस वर्कर सभी पर खतरा
- 42°C तक बुखार, बेहोशी और शरीर में पसीना बंद होना ये बेहद गंभीर लक्षण हैं
- मरीजों को ICU में शिफ्ट करना पड़ रहा है, कुछ को तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया
डॉ. मोहित बताते हैं, “अब लू एक सामान्य परेशानी नहीं रह गई, ये सीधा शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचा रही है – जैसे कि किडनी फेल होना, ब्रेन डैमेज और कई बार जान जाने का खतरा भी।”
इन लक्षणों से हीट स्ट्रोक की पहचान जल्दी करें
- लगातार सिरदर्द और थकान
- चक्कर आना और शरीर भारी लगना
- तेज बुखार - 40 डिग्री या उससे ज्यादा
- बोलने में परेशानी, भ्रम या बेहोशी
- पसीना आना बंद हो जाना एक गंभीर संकेत है
डॉ. शर्मा कहते हैं कि अगर इन लक्षणों को नजरअंदाज किया गया तो हालात बहुत बिगड़ सकते हैं। इलाज में जरा सी भी देर से जान का खतरा बढ़ जाता है।
दिल्ली-NCR में बढ़ते केस
दिल्ली में “फील्स लाइक” टेम्परेचर 52 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। गुरुग्राम में हर दिन 1-2 हीट स्ट्रोक के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। नोएडा और गाजियाबाद के अस्पतालों में भी हाई अलर्ट है। अब ये मौसम नहीं, हेल्थ इमरजेंसी बन चुका है
हीट स्ट्रोक का शिकार होने पर तुरंत ये कदम उठाएं
- मरीज को तुरंत छांव या ठंडी जगह पर ले जाएं
- शरीर पर ठंडे पानी की पट्टी या बर्फ लगाएं
- उसे पानी, ORS या इलेक्ट्रोलाइट्स दें
- अगर होश में नहीं है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- गंभीर हालत में ICU और वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है।
मानें डॉक्टर की सलाह
- दोपहर 11 से 4 बजे तक धूप में बिल्कुल न जाएं
- हर घंटे पानी या ओआरएस जरूर पिएं, चाहे प्यास लगे या नहीं
- हल्के और सूती कपड़े पहनें, ताकि शरीर को हवा मिलती रहे
- बच्चों और बुजुर्गों पर खास ध्यान दें, ये जल्दी असर में आते हैं
- अगर चक्कर, उल्टी, तेज बुखार या कमजोरी लगे तो देर न करें, तुरंत डॉक्टर के पास जाएं
अब गर्मी को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है
डॉ. मोहित शर्मा साफ कहते हैं “ये गर्मी अब सिर्फ मौसम की मार नहीं है, ये इंसानी सेहत पर सीधा हमला है।” अगर आपने अब भी इसे हल्के में लिया, तो नतीजे खतरनाक हो सकते हैं। खुद भी सुरक्षित रहें और अपने आस-पास के लोगों को भी सतर्क करें। थोड़ी सी सावधानी और समय पर कदम उठाकर हम इस जानलेवा गर्मी से खुद को बचा सकते हैं।
