आपने अकसर गर्भवती महिलाओं को पैरों के नीचे तकिया रखकर सोते हुए देखा होगा। बड़े-बुजुर्ग ही नहीं डॉक्टर्स भी गर्भवतियों को अकसर ऐसा करने की सलाह देते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है जिससे पैरों में सूजन नहीं आए और दर्द भी दूर हो सके। लेकिन क्या आप जानते हैं ये ट्रिक आमतौर पर सभी के लिए काम की है। दरअसल, आप अगर सोते समय पैरों के नीचे तकिया लगाकर सोते हैं तो आपको भी आराम मिलेगा। साथ ही कमर और पैरों में दर्द से भी राहत मिलेगी।
sleeping
1. पैरों की सूजन को कम करने में सहायक
अगर आपके पैरों में किसी भी कारण सूजन आ रही हो तो पैरों के तकिया रख कर सोने से आपको काफी राहत मिलेगी। थकान के कारण पैरों में अक्सर सूजन आ जाती है, खासतौर पर अगर हमारा वजन ज्यादा हो तो ऐसे में वैरिकोज वेन्स की प्रॉब्लम हो जाती है या फिर मांसपेशियों के कारण भी सूजन होती है। इन तमाम तरह की सूजन से ये तरीका निजात दिलाता है। ये पैरों के फ्यूट रिटेंशन को कम करके सूजन को दूर करता है।
2. बैक पेन को करता है दूर
लम्बे समय तक एक ही डेस्क पर लगातार काम करने से कमर और कूल्हे के दर्द की शिकायत होने लगती है। साथ ही कई बार इस समस्या की वजह से शरीर थका हुआ रहता है। ऐसे में रात में सोते समय पैरों के नीचे तकिया लगाएं, इससे आपको कुछ ही मिनटों में आराम महसूस होगा। ऐसा करने से मसल्स पर प्रेशर कम पड़ता है और हमें राहत मिलती है।
3 ये साइटिका के दर्द को भी करता है कम
साइटिका एक मोटी नर्व होती है जो हमारे पैर के पिछले भाग से होकर निकलती है। जिसमें कभी-कभी कुछ वजह से काफी दर्द महसूस होने लगता है। इस दर्द के कारण उठने-बैठने-सोने में परेशानी होती है। ऐसे में आप तकिये को पैरों के नीचे रख कर सोते हैं तो दर्द में काफी आराम मिलता है
4- ब्लड सर्कुलेशन करता है सही
अगर आपकी बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन सही नहीं है तो रात को पैरों में तेज जलन और दर्द हो सकता है। ऐसे में पैरों के नीचे तकिया लगा कर सोने से आप अच्छा महसूस करते हैं। क्योंकि ये आपके ब्लड सर्कुलेशन को सही करेगा। साथ ही जलन और दर्द में भी काम करेगा।
तो आप भी ऊपर दी गई सारी कंडीशंस में जरूर इन तरीकों को अपनाएं। ये काफी आसान और तुरंत असर दिखाने वाला तरीका है। इससे आपको दर्द से निजात मिलेगी।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
