Health Side effect of Obesity: लाइफस्टाइल और खानपान के बदलाव के कारण मोटापा आज तेजी से बढ़ती एक समस्या बनता जा रहा है। जिसके चलते कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम का सामना हमें करना पड़ता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में इस बात का खुलासा भी किया गया है कि मोटापा खासतौर पर पुरुषों को दिमाग से संबंधित एक बीमारी का शिकार बना सकता है। जी हां ताजा शोध के सामने आए आंकड़ों की मानें तो मोटापा के कारण पुरुषों को डिमेंशिया रोग का खतरा काफी बढ़ जाता है। डिमेंशिया भूलने की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें व्यक्ति अपनी याददाश्त को खोने लगता है। हालांकि बुजुर्गों में डिमेंशिया की बीमारी काफी आम होती है लेकिन मोटापा के कारण यह रोग आपको 50 की उम्र के पहले भी घेर सकता है। शोध के आंकड़ों की मानें तो मोटापा के पीड़ित पुरुषों में डिमेंशिया 10 साल पहले तक आ सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
क्या हैं शोध के आंकड़े
जर्नल ऑफ न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी एंड साइकियाट्री में प्रकाशित एक शोध के आंकड़ों के मुताबिक, महिलाओं की तुलना में पुरुषों को डिमेंशिया का खतरा ज्यादा होता है। डिमेंशिया का खतरा महिलाओं को जहां 65 से 75 वर्ष के बीच होता है, बहीं पुरुषों में यह औसत 55- से 65 के बीच पाया जाता है। जिसका सबसे ज्यादा असर हमारे दिमाग के उन क्षेत्रों पर होता है जो प्रोसेसिंग, विजुअल परसेप्शन, इमोशनल प्रोसेसिंग और याददाश्त से जुड़े होते हैं।
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शोध में शामिल लोग
दिमागी क्षमता को मापने के लिए किए गए इस शोध में कुल 34,425 लोगों को शामिल किया गया था जिसमें उनके दिमाग और पेट को स्कैन किया गया। इस स्कैन से मिले आंकड़ों के विश्लेषण में यह पाया गया कि जिन लोगों के आंतों के आसपास ज्यादा फैट है। उनके दिमाग का ग्रे मैटर वॉल्यूम कम है। जिससे कहा जा सकता है कि बाहर निकला पेट आपके दिमाग को कमजोर कर सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
