Broken-Heart Syndrome: प्यार ही नहीं इन कारणों से भी टूटता है दिल, जानिए ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम को कंट्रोल करने के टिप्स

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 31, 2023, 08:45 PM IST

Broken-Heart Syndrome: ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम एक टेम्पररी स्थिति है। इसके लक्षण हार्ट अटैक की तरह हो सकते हैं और इसके कारणों के बारे में सही जानकारी नहीं है। इस समस्या को कंट्रोल करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करना बेहतर विकल्प माना गया है। यहां हम आपके साथ कुछ टिप्स शेयर करने जा रहें हैं, जिससे ऐसी स्थिति से बचने में सहायता मिल सके।

KEY HIGHLIGHTS
  • ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम एक हार्ट कंडिशन है
  • आमतौर पर स्ट्रेसफुल सिचुएशंस या एक्सट्रीम इमोशंस में होती है यह समस्या
  • डॉक्टर इसे स्ट्रेस-इंड्यूज्ड कार्डियोमायोपैथी भी कहते हैं।


Broken-Heart Syndrome: ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम एक हार्ट कंडिशन है, जो आमतौर पर स्ट्रेसफुल सिचुएशंस या एक्सट्रीम इमोशंस में होती है। यह समस्या किसी गंभीर बीमारी या सर्जरी के कारण भी ट्रिगर हो सकती है। ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम एक टेम्पररी स्थिति है। लेकिन, कुछ लोग हार्ट के हील होने के बाद भी बीमार महसूस कर सकते हैं। इस समस्या में रोगी हार्ट अटैक जैसे लक्षणों का अनुभव कर सकता है जैसे चेस्ट पेन और सांस लेने में समस्या आदि। डॉक्टर इसे स्ट्रेस-इंड्यूज्ड कार्डियोमायोपैथी भी कहते हैं। ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के लक्षणों के उपचार के लिए दवाईयां दी जा सकती हैं। आइए पाएं जानकारी इस सिंड्रोम के बारे में विस्तार से और जानें कि इसे कैसे कंट्रोल किया जा सकता है।

ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के कारण क्या हैं?

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