Nipah Virus In Kerala: केरल राज्य में निपाह वायरस के संक्रमण को लेकर एक बार फिर से खबर सामने आ रही है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग की मानें तो कोझिकोड, मलप्पुरम, कन्नूर, वायनाड और एर्नाकुलम जैसे जिलों को संक्रमण का हॉटस्पॉट मानते हुए सरकार विशेष सावधानी बरत रही है। चमगादड़ से फैलने वाला ये संक्रमण हमारे लिए जानलेवा तक साबित हो सकता है। सरकार ने राज्य के 5 जिलों में विशेष जागरूकता अभियान शुरु किया है। जिसका उद्देश्य लोगों के बीच इस वायरस की गंभीरता को लाना है। आइए जानते हैं कि क्या हैं इसके लक्षण और बचने के उपाय क्या अपनाने चाहिए।
क्या है निपाह वायरस? - What is Nipah virus?
निपाह वायरस (Nipah Virus) की बात करें तो ये एक जूनोटिक वायरस है। जूनोटिक वायरस उसे कहा जाता है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। निपाह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ों और सुअरों के द्वारा इंसानों में फैलता है। लेकिन एक बार यदि इससे कोई इंसान संक्रमित हो जाए तो व्यक्ति के संपर्क में आने से यह इंसान से इंसान में भी तेजी से फैल सकता है। निपाह वायरस पहला मामला साल 1998 में मलेशिया में सामने आया था। जहां इसे फैलने की पुष्टि सुअरों से इंसानों में हुई थी। भारत में निपाह के मामले 2001 और 2018 बड़ी मात्रा में सामने आए थे।
निपाह वायरस के लक्षण - Symptoms of Nipah Virus in Hindi
निपाह वायरस का संक्रमण आपको शुरुआत में साधारण बुखार जैसा लग सकता है। हालांकि इसका इलाज सही तरीके से न किया जाए तो ये गंभीर रूप ले लेता है।
- तेज बुखार और सिरदर्द निपाह वायरस के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
- निपाह का असर फेफड़ों पर पड़ने के कारण मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
- निपाह वायरस से संक्रमित व्यक्ति को भ्रम, उलझन और बेहोशी जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं।
- दौरे पड़ना और कोमा में चले जाना निपाह वायरस के गंभीर लक्षणों में शामिल है।
निपाह वायरस से बचाव के उपाय Preventive Tips for Nipah virus
- निपाह वायरस से बचाव के लिए आपको अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखनी चाहिए।
- निपाह वायरस से बचाव के लिए जरूरी है कि आप संक्रमित व्यक्ति से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
- निपाह वायरस फैलाने के लिए जिम्मेदार जानवरों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।
- निपाह वायरस के संक्रमण के लक्षण दिखने पर बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
