रिपोर्ट नॉर्मल, फिर भी खतरा! क्या एंजियोग्राम हर बार बताता है दिल की सच्चाई?

एंजियोग्राम को भले ही हृदय जांच का गोल्ड स्टैंडर्ड माना जाता हो, लेकिन सामान्य रिपोर्ट हमेशा दिल के पूरी तरह स्वस्थ होने की गारंटी नहीं देती। हम आपको कुछ ऐसे लक्षण बताएंगे कि किसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

Hidden Heart Disease Risks: हृदय रोगों की पहचान के लिए एंजियोग्राम एक प्रमुख साधन है, जिसे दशकों से 'गोल्ड स्टैंडर्ड' माना जाता है। जब मरीजों को बताया जाता है कि उनका एंजियोग्राम सामान्य है, तो यह न केवल उनके लिए, बल्कि उनके चिकित्सकों के लिए भी राहत की बात होती है। लेकिन हाल के शोधों से पता चला है कि एक सामान्य एंजियोग्राम हमेशा यह नहीं दर्शाता कि हृदय पूरी तरह से सुरक्षित है। विशेषज्ञों के अनुसार, कई मरीज ऐसे होते हैं जो छाती में दर्द, हृदय संकट या निरंतर हृदय क्षति का अनुभव करते हैं, जबकि एंजियोग्राम में कोई प्रमुख अवरोध नहीं दिखाई देता। डॉ. अभिजीत खडतारे, कार्डियोलॉजिस्ट, ने बताया कि एंजियोग्राम केवल बड़े कोरोनरी धमनियों को देखने में सक्षम है, लेकिन यह पूरी कोरोनरी सर्कुलेशन का मूल्यांकन नहीं कर सकता।

angiogram

रोगों का सटीक विशलेषण नहीं

एक महत्वपूर्ण कारण माइक्रोवेस्कुलर रोग है, जिसमें छोटे रक्त वाहिकाओं का कार्य खराब हो जाता है। यह रक्त प्रवाह को कम कर सकता है, जिससे इस्कीमिया और मायोकार्डियल इन्फार्क्शन हो सकता है, भले ही एंजियोग्राम में कोई अवरोध न दिखे। यह स्थिति आमतौर पर महिलाओं, डायबिटिक और उच्च रक्तचाप के मरीजों में देखी जाती है।

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