Soda And Fatty Liver Risk : हममें से बहुत से लोग थकान दूर करने, खाने के साथ या बस थोड़ी ताज़गी के लिए सोडा पी लेते हैं। लेकिन नई स्टडी और डॉक्टरों की चेतावनी बता रही हैं कि सिर्फ एक सोडा रोज़ पीना भी आपके लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है और आपकी हेल्थ को धीरे-धीरे छोटा कर सकता है। आजकल अस्पतालों की OPD में तेजी से ऐसे मरीज बढ़ रहे हैं जिन्हें मेटाबॉलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड स्टियोटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) हो रही है, जिसे पहले नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) कहा जाता था। यह बीमारी तब होती है जब लिवर में ज्यादा फैट जमने लगता है। चिंता की बात यह है कि यह बीमारी अब 20-30 साल के युवाओं में भी दिखाई देने लगी है। इसका पता ज्यादातर लोगों को बीमारी के बढ़ जाने तक नहीं चलता है। शराब और फास्ट फूड्स आपकी लिवर हेल्थ के लिए काफी खराब होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोडा भी आपके लिवर की सेहत को खराब कर सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में...
सोडा लिवर के लिए क्यों खतरनाक है?
इस सवाल का जबाव देते हुए यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डॉ. विजयकुमार सी. बाड़ा कहते हैं, कि सोडा में बहुत अधिक मात्रा में कैलोरी होती है, जिससे वजन और मोटापा बढ़ता है। वहीं इसमें फ्रक्टोज और हाई-फ्रक्टोज कॉर्न सिरप होता है, जो पेट में जाकर सीधे लिवर में फैट स्टोर करता है। ज्यादा फ्रक्टोज वाली चीजें खासकर तब और खतरनाक होती हैं जब इनके साथ कोई पोषक पदार्थ मौजूद नहीं होता है। इसलिए कोशिश करें कि सोडा और शुगर-ड्रिंक्स से जितनी हो सके दूरी बनाएं। वहीं अगर बहुत मन हो तो कभी-कभी डाइट सोडा लेना रेगुलर सोडा से बेहतर है। इसके अलावा आजकल मार्केट में जीरो-कैलोरी फ्लेवर वॉटर भी अच्छे विकल्प के रूप में मौजूद हैं।
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लिवर के गंभीर रोगों का कारण
खाने या सोडा में मौजूद फ्रक्टोज को हमारा लिवर प्रोसेस करता है। यदि हम फ्रक्टोज की मात्रा बढ़ाते हैं, तो इससे लिवर पर दबाव बढ़ने लगता है। वहीं कुछ रिसर्च बताती हैं, कि सिर्फ 1 सोडा रोज पीने से फैटी लिवर का खतरा 40% तक बढ़ जाता है। वहीं यदि आप 5-7 साल तक लगातार सोडा पीते हैं, तो इससे लिवर में फैट, सूजन और फाइब्रोसिस का खतरा भी पैदा हो जाता है। जो आगे चलकर लिवर सिरोसिस और लिवर फेल्योर तक पहुंच सकता है।
कैसे करें बचाव?
यदि फैटी लिवर के कारणों को शुरुआत में ही पहचान लिया जाए और इससे बचाव के कुछ लाइफस्टाइल संबंधी बदलाव कर लिए जाएं, तो इससे आसानी से निजात पाई जा सकती है।
- सोडा को खास मौकों तक सीमित रखें या पूरी तरह छोड़ दें।
- पानी, नींबू पानी, बिना शक्कर की चाय/कॉफी, छाछ या ताजे फलों का जूस अपनाएं।
- डाइट संतुलित रखें जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स खाएं।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें।
- वजन कंट्रोल में रखें और शुगर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर चेक कराते रहें।
- जिनके परिवार में डायबिटीज या लिवर डिजीज का इतिहास है, उन्हें नियमित हेल्थ चेकअप जरूर कराना चाहिए।
निष्कर्ष
यदि आप लिवर की बीमारी और फैटी लिवर को केवल शराब के सेवन से जोड़ते हैं, तो आपको समझना चाहिए कि ये केवल इकलौता कारण नहीं है। क्योंकि शुगर से भरे सोडा भी उतने ही हानिकारक हो सकते हैं। अगर आप अपने लिवर को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो अगली बार सोडा का कैन उठाने से पहले जरूर सोचें।
