Kidney Cancer Myths: किडनी कैंसर की पहचान में देरी की वजह बनती हैं ये 5 मिथक, डॉक्टर से जानें इन गलतफहमियों की सच्चाई

Kidney Cancer Myths And Facts: किडनी कैंसर से जुड़े कई मिथक लोगों को समय पर जांच और इलाज से दूर कर देते हैं। ऐसे में लोगों के पास इनसे जुड़ी सही जानकारी होना बहुत आवश्यक है। चलिए डॉक्टर से जानते हैं इन गलतफहमियों की सच्चाई।

Kidney Cancer Myths And Facts: कैंसर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं, लेकिन कई बार डर से ज्यादा नुकसान गलत जानकारी पहुंचाती है। किडनी कैंसर के साथ भी कुछ ऐसा ही है। इस बीमारी को लेकर लोगों के मन में कई तरह की धारणाएं बनी हुई हैं। कोई सोचता है कि जब तक दर्द न हो तब तक सब ठीक है, तो कोई मानता है कि यह बीमारी सिर्फ बुजुर्गों को ही होती है। इन गलतफहमियों की वजह से कई लोग समय पर जांच नहीं करवाते और बीमारी का पता देर से चलता है। किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम रॉय और डॉ. मनोज अरोड़ा बताते हैं कि किडनी कैंसर के बारे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, क्योंकि समय पर पहचान से इलाज आसान और ज्यादा असरदार हो सकता है।

Kidney Cancer Myths And Facts

किडनी कैंसर से जुड़े 5 मिथक और उनकी सच्चाई

मिथक 1: किडनी कैंसर होगा तो शरीर पहले ही संकेत दे देगा

बहुत से लोगों को लगता है कि किडनी कैंसर होने पर शुरू से ही दर्द, परेशानी या पेशाब में खून जैसे लक्षण दिखाई देंगे। लेकिन आकाश हेल्थकेयर मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, द्वारका के एडिशनल डायरेक्टर (नेफ्रोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट) डॉ. अनुपम रॉय बताते हैं कि कई बार इस बीमारी के शुरुआती दौर में कोई खास लक्षण नहीं होते। ऐसे में व्यक्ति खुद को पूरी तरह स्वस्थ समझता रहता है। कई मरीजों में किडनी कैंसर का पता किसी दूसरी जांच या हेल्थ चेकअप के दौरान चलता है।

End of Feed