झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार चर्चा में है। रांची में चल रही भूख हड़ताल अब लंबी खिंच चुकी है और इसके साथ प्रदर्शनकारियों की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने की खबर के बाद यह सवाल भी सामने आया है कि आखिर लंबे समय तक खाना न खाने से शरीर के अंदर क्या होता है?
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भूख हड़ताल में सबसे पहले असर सिर्फ भूख लगने या कमजोरी के रूप में दिखाई देता है, लेकिन समय बढ़ने पर शरीर का पूरा संतुलन प्रभावित हो सकता है। पानी की कमी, लो ब्लड शुगर, लो ब्लड प्रेशर और इलेक्ट्रोलाइट्स में बदलाव जैसी स्थितियां परेशानी बढ़ा सकती हैं। इनमें पोटैशियम खास है, क्योंकि यह दिल की धड़कन और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी होता है। हालांकि ऐसा हर स्थिति में लंबे समय तक भूखे रहने से हो ये जरूरी नहीं है।
आखिर Potassium इतना जरूरी क्यों है?
पोटैशियम हमारे शरीर के लिए एक जरूरी मिनरल है। यह नसों और मांसपेशियों को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। दिल भी एक मांसपेशी है, इसलिए शरीर में पोटैशियम का सही स्तर रहना उसकी धड़कन को सामान्य रखने के लिए जरूरी होता है।
अगर शरीर में पोटैशियम बहुत कम हो जाए, तो कमजोरी, थकान, मांसपेशियों में खिंचाव या धड़कन तेज या अजीब लगने जैसी परेशानी हो सकती है। ज्यादा कमी होने पर मामला गंभीर भी हो सकता है।
लंबे समय तक भूखा रहने पर शरीर में क्या होता है?
जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक खाना नहीं खाता, तो शरीर को बाहर से एनर्जी नहीं मिलती। ऐसे में शरीर पहले से जमा एनर्जी का इस्तेमाल करना शुरू कर देता है। शुरुआत में शरीर अपने पास मौजूद शुगर का इस्तेमाल करता है और बाद में फैट से एनर्जी लेने लगता है।
लेकिन परेशानी सिर्फ भूख और कमजोरी तक सीमित नहीं रहती। अगर लंबे समय तक खाना-पानी कम मिले, शरीर में पानी की कमी हो जाए या उल्टी-दस्त जैसी समस्या हो, तो शरीर में जरूरी मिनरल्स का संतुलन बिगड़ सकता है। यही वजह है कि लंबी भूख हड़ताल के दौरान सिर्फ वजन कम होने पर नजर रखना काफी नहीं होता।
Potassium कम होने पर दिल पर क्यों पड़ सकता है असर?
पोटैशियम बहुत कम होने पर शरीर कमजोर पड़ सकता है। हाथ-पैरों में खिंचाव, थकान, मांसपेशियों में कमजोरी, कब्ज या दिल की धड़कन अलग महसूस होना जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं। अगर कमी ज्यादा हो जाए, तो दिल की धड़कन का रिदम बिगड़ सकता है। कुछ गंभीर मामलों में चक्कर आने, बेहोशी या दिल से जुड़ी परेशानी का खतरा भी बढ़ सकता है।
हालांकि, सिर्फ इन लक्षणों से यह नहीं कहा जा सकता कि किसी व्यक्ति का पोटैशियम कम है। इसकी सही जानकारी ब्लड टेस्ट से ही मिलती है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर ECG से भी दिल की धड़कन की जांच कर सकते हैं।
सिर्फ Potassium ही नहीं, BP और Sugar भी जरूरी
लंबे समय तक खाना न खाने पर शरीर पर कई तरह का असर पड़ सकता है। पानी कम मिलने से डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इससे ब्लड प्रेशर नीचे जा सकता है। इसी तरह लंबे समय तक भोजन न मिलने पर ब्लड शुगर भी कम हो सकती है। ऐसे में कमजोरी, चक्कर, ज्यादा थकान या बेहोशी जैसी परेशानी हो सकती है।
