Iron deficiency: मिनरल्स हमारी हेल्थ के लिए बहुत जरूरी हैं। यह हड्डियों, मसल्स और हार्ट व ब्रेन के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। आयरन की कमी के कारण हमारे शरीर में कई समस्याएं हो सकती हैं जैसे बोन मास का कम होना, मसल क्रैम्प्स, थकावट आदि। कुछ मामलों में आयरन डेफिशियेंसी मेंटल हेल्थ को भी प्रभावित कर सकती है। आयरन की कमी और डिप्रेशन दो हेल्थ कंडीशंस हैं, जिनमें कुछ लिंक हो सकता है। रिसर्च यह बताती हैं कि एनीमिया से पीड़ित लोगों में डिप्रेशन के लक्षण डेवलप हो सकते हैं जैसे लो मूड, आत्मविश्वास में कमी और रोजाना के कार्यो में रूचि का कम होना आदि। आइए जानें कि क्या आयरन डेफिशियेंसी डिप्रेशन की एक वजह हो सकती है?
आयरन डेफिशियेंसी के कारण हो सकती है डिप्रेशन की समस्या
क्या आयरन डेफिशियेंसी डिप्रेशन की एक वजह हो सकती है?
आयरन रेड ब्लड सेल फोर्मशन के लिए बहुत जरूरी है। यह इस बात को सुनिश्चित करता है कि ऑक्सीजन शरीर के सभी पार्ट्स तक पहुंच रहा है। शरीर में आयरन डेफिशियेंसी से शरीर में रेड ब्लड सेल कम हो जाते हैं और बॉडी टिश्यूज तक ऑक्सीजन कम सर्कुलेट होती है। अधिक समय तक आयरन की कमी से केवल फिजिकल हेल्थ ही नहीं बल्कि दिमाग भी प्रभावित होता है। आयरन की कमी डिप्रेशन का कारण बन सकती है क्योंकि डोपामाइन के साथ इसका संबंध है। डोपामाइन ब्रेन में न्यूरोट्रांसमीटर में से एक है जो हमें खुश रखता है। ब्रेन में डोपामाइन के उत्पादन के लिए आयरन की आवश्यकता होती है
आयरन डेफिशियेंसी के लक्षण
शुरुआत में आयरन डेफिशियेंसी माइल्ड हो सकती है। लेकिन, अधिक समस्या होने पर यह बदतर हो सकती है। इसके लक्षण इस प्रकार हैं:
- अधिक थकावट
- कमजोरी
- स्किन का पीला होना
- छाती में दर्द या सांस लेने में समस्या
- सिरदर्द या जी मिचलाना
- हाथों और पैरों का ठंडा होना
- नाखूनों का कमजोर होना
- भूख न लगना
आयरन डेफिशियेंसी वो स्थिति है जब खून में हेल्दी रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है। अपने शरीर में आयरन की कमी से बचने के लिए आयरन रिच फूड का सेवन करें जैसे हरी सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स, ओट्स, फलियां आदि। इसके साथ ही डॉक्टर की सलाह के बाद आयरन सप्लीमेंट्स भी लिए जा सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
