मासिक धर्म और महिला स्वास्थ्य पर जागरूकता का प्रतीक है ये दिन, एक्सपर्ट से जानें इसके बारे में विस्तार से

International Women Health Day : हर साल दुनिया भर में महिला स्वास्थ्य की बात करने के लिए 28 मई को 'अंतर्राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य दिवस' या 'मासिक धर्म स्वच्छता दिवस' के रूप में मनाया जाता है। लेकिन आपको बता दें कि ये कोई साधारण दिन नहीं है बल्कि हमारी आधी आबादी की सेहत के बारे में विस्तार से बात करने वाला मंच तैयार करता है। आइए जानते हैं इसके बारे विस्तार से....

International Women Health Day : हर वर्ष 28 मई को जब दुनिया 'मासिक धर्म स्वच्छता दिवस' और 'अंतर्राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य दिवस' के रूप में इस दिन को मनाती है, तब यह केवल एक कैलेंडर तिथि नहीं रह जाती, बल्कि यह एक ऐसी मुहिम का प्रतीक बन जाती है जो महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वाभिमान और स्वच्छता के प्रति समाज की सोच में बदलाव लाने का प्रयास करती है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि मासिक धर्म कोई शर्म का विषय नहीं, बल्कि जैविक सत्य है और इसके प्रति जागरूकता, समझ और स्वच्छता ही स्त्री सशक्तिकरण की बुनियाद है। इस अवसर पर, समाचार एजेंसी आईएएनएस ने नोएडा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भंगेल की वरिष्ठ मेडिकल अधिकारी, डॉ. मीरा पाठक से विशेष बातचीत की। उन्होंने मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों, महिला स्वास्थ्य के विभिन्न चरणों और स्वच्छता से जुड़ी सावधानियों पर गहन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रकाश डाला।

International women health day

क्यों तय किया गया मई का महीना और 28 तारीख?

'मासिक धर्म स्वच्छता दिवस' के बारे में बात करते हुए डॉ. पाठक ने बताया कि 28 मई को इस दिन के मनाने के पीछे एक प्रतीकात्मक महत्व है। मई वर्ष का पांचवां महीना होता है और मासिक धर्म की अवधि औसतन पांच दिन की होती है, वहीं एक सामान्य मासिक चक्र 28 दिनों का होता है। इसलिए 28 मई को यह दिन मना कर समाज में मासिक धर्म से जुड़ी चुप्पी, शर्म और सामाजिक झिझक को दूर करने की कोशिश की जाती है।

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