Inflammation In Women Can Increase Risk Of Heart Disease In Hindi: अगर आप सोचती हैं कि दिल की बीमारी सिर्फ बढ़ती उम्र या ज्यादा फैट खाने से होती है, तो रुकिए! एक नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि महिलाओं के शरीर में लंबे समय तक रहने वाली सूजन यानी क्रॉनिक इंफ्लेमेशन भी हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बड़ा कारण बन सकती है। शरीर के अंदर होने वाली यह 'छुपी हुई जंग' आपके दिल को धीरे-धीरे कमजोर कर सकती है। आइए जानते हैं कि यह रिसर्च क्या कहती है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
Inflammation In Women Can Increase Risk Of Heart Disease
महिलाओं में इंफ्लेमेशन दिल की बीमारियों का कारण
एक हालिया मेडिकल स्टडी में यह बात सामने आई है कि महिलाओं में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन हार्ट अटैक की बड़ी वजह बन रहा है। यानी शरीर के अंदर अगर लंबे समय तक सूजन बनी रहती है, तो यह आपके दिल पर असर डाल सकती है, भले ही बाहरी तौर पर सब कुछ ठीक लग रहा हो।
hs-CRP और खराब कोलेस्ट्रॉल का कॉम्बिनेशन खतरनाक
हालिया रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जिन महिलाओं के शरीर में hs-CRP नाम का सूजन मार्कर और साथ में खराब कोलेस्ट्रॉल (जैसे LDL और Lp(a)) का लेवल कापी अधिक होता है, वे हार्ट अटैक और स्ट्रोक के अधिक जोखिम में होती हैं। यहां तक कि खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है। यानी सूजन और कोलेस्ट्रॉल मिलकर दिल को डबल नुकसान पहुंचाते हैं।
ऑटोइम्यून बीमारियों वाली महिलाओं के लिए रिस्क और ज्यादा
अगर किसी महिला को पहले से कोई ऑटोइम्यून डिज़ीज़ है जैसे ल्यूपस या रूमेटॉइड अर्थराइटिस, तो उसका दिल और ज्यादा खतरे में होता है। क्योंकि इन बीमारियों से शरीर में पहले से ही सूजन बनी रहती है, जो हार्ट को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती है।
सामाजिक और आर्थिक कारण भी जुड़ रहे हैं रिस्क से
इस स्टडी में यह भी पाया गया कि गरीब और निम्न सामाजिक वर्ग की महिलाओं में सूजन का स्तर ज्यादा देखा गया, जिससे उनकी दिल की बीमारियों से मरने की संभावना बढ़ जाती है। यानी स्वास्थ्य सिर्फ शरीर का ही नहीं, जीवनशैली और सामाजिक हालात का भी मामला है।
समय रहते सतर्क होना जरूरी
अच्छी बात ये है कि अगर समय पर सूजन की पहचान हो जाए तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है। hs-CRP टेस्ट से इंफ्लेमेशन का पता लगाया जा सकता है और स्टैटिन जैसी दवाइयों से इसे कम भी किया जा सकता है। इसके अलावा हेल्दी डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल से भी सूजन को रोका जा सकता है।
अब सूजन नहीं कोई छोटी समस्या
इस स्टडी से साफ हो गया है कि महिलाओं के लिए इंफ्लेमेशन यानी सूजन अब हल्का मुद्दा नहीं रह गया है। यह दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों की नींव रख सकती है, खासकर जब यह खराब कोलेस्ट्रॉल के साथ मिल जाए। ऐसे में हर महिला को चाहिए कि वो अपनी सेहत को हल्के में न ले और समय-समय पर जांच करवाती रहे। क्योंकि दिल की रक्षा तभी होगी, जब आप सतर्क रहेंगी।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
