Flamingo Balance Test: आज हम आपको बताएंगे एक छोटा सा टेस्ट जो आपके शरीर के संतुलन और तालमेल के बारे में काफी कुछ बता सकता है। अगर आपसे कोई कहे कि क्या आप कुछ सेकंड तक बिना किसी सहारे के एक पैर पर खड़े हो सकते हैं? सुनने में यह सवाल काफी आसान लग सकता है लेकिन यही आपकी फिटनेस के बारे में काफी कुछ बता सकता है। इन दिनों फ्लेमिंगो बैलेंस टेस्ट काफी चर्चा में है। इस टेस्ट में आपको बस एक पैर उठाकर कुछ समय तक अपना संतुलन बनाए रखना होता है। हालांकि, इसे किसी बीमारी की जांच या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं समझना चाहिए। फिर भी यह एक आसान तरीका है, जिससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आपका बैलेंस और शरीर का तालमेल कैसा है। खासकर उम्र बढ़ने के साथ शरीर का संतुलन बनाए रखना काफी जरूरी हो जाता है।
बिना किसी मशीन के जांचें अपनी फिटनेस
क्या है फ्लेमिंगो बैलेंस टेस्ट
फ्लेमिंगो बैलेंस टेस्ट में आपको एक पैर पर खड़े होकर अपना संतुलन बनाए रखना होता है। दूसरे पैर को जमीन से ऊपर रखना होता है और कोशिश करनी होती है कि शरीर ज्यादा हिले-डुले नहीं। इसका नाम फ्लेमिंगो पक्षी से लिया गया है, क्योंकि फ्लेमिंगो अक्सर लंबे समय तक एक पैर पर खड़ा दिखाई देता है। इस तरह के बैलेंस टेस्ट का इस्तेमाल फिटनेस और बुजुर्गों के स्वास्थ्य से जुड़े आकलन में भी किया जाता रहा है। संतुलन बनाए रखने में सिर्फ पैरों की ताकत ही काम नहीं करती, बल्कि आंखें, मांसपेशियां, जोड़, अंदरूनी कान और दिमाग भी मिलकर काम करते हैं।
घर पर कैसे करें यह टेस्ट
इसे करना काफी आसान है, लेकिन सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। अगर आपको चक्कर आने, गिरने या संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है, तो इसे अकेले न करें। टेस्ट करने के लिए- किसी समतल और सुरक्षित जगह पर सीधे खड़े हो जाएं। जरूरत हो तो पास में दीवार या मजबूत कुर्सी रखें। एक पैर को धीरे-धीरे जमीन से ऊपर उठाएं। दूसरा पैर जमीन पर सीधा रखें। आंखें खुली रखें और हाथों को आराम से रखें। टाइमर शुरू करें और देखें कि आप कितनी देर तक संतुलन बनाए रख पाते हैं। पैर जमीन पर रखते ही टेस्ट रोक दें।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: मीठा खाने के बाद फिर मीठा खाने का मन क्यों करता है? डॉक्टर से जानिए इसके पीछे छिपी बड़ी वजहें
शरीर के लिए बैलेंस इतना जरूरी क्यों है
हमारा संतुलन सिर्फ पैरों की ताकत पर निर्भर नहीं करता। जब हम चलते हैं, सीढ़ियां चढ़ते हैं या अचानक अपना शरीर मोड़ते हैं, तब दिमाग, आंखें, कान, मांसपेशियां और जोड़ एक साथ काम करते हैं। अच्छा बैलेंस हमें रोजमर्रा के काम आसानी से करने में मदद करता है। उम्र बढ़ने पर संतुलन कमजोर होने से गिरने का खतरा भी बढ़ सकता है। इसी वजह से फिटनेस के साथ-साथ संतुलन पर भी ध्यान देना जरूरी है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: घर से काम करने पर वजन क्यों बढ़ने लगता है, ये छिपी वजहें भी वर्क फ्रॉम होम के दौरान बना देती हैं आपका मोटा
एक पैर पर कितनी देर खड़े होना अच्छा है
उम्र, फिटनेस, चोट, शारीरिक स्थिति और कई दूसरे कारणों से बैलेंस अलग-अलग हो सकता है। कुछ अध्ययनों में एक पैर पर 10 सेकंड तक खड़े रहने की क्षमता को स्वास्थ्य से जुड़े संकेतकों के साथ देखा गया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि 10 सेकंड से कम समय तक खड़े रहने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से किसी बीमारी से जूझ रहा है। अगर आपको अचानक अपना संतुलन पहले से काफी कमजोर महसूस हो रहा है या बार-बार गिरने की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
